वायुसेना के लद्दाख बेस कैंप में तैनात आलोक शुक्ला पुत्र स्वर्गीय आद्या प्रसाद शुक्ला ने लालगंज थाने में दी गई तहरीर में कहा कि मैं वायुसेना में कार्यरत हूं और लद्दाख में तैनात हूं। मैं एक माह के अवकाश पर घर आया था। बहन की शादी के दिन वह विदाई हेतु घर टैंपो ला रहा था। जिसका विरोध गांव के ही देवेन्द्र शुक्ल, राघवेन्द्र शुक्ल, राहुल शुक्ल व बाल गोविन्द शुक्ल कर रहे थे। इसी दौरान इन लोगो ने मुझ पर लाठी, डंडे, ईंट व कुल्हाड़ी आदि से हमला कर दिया। घटना के समय मेरी पत्नी ने बचाने का प्रयास किया तो उन लोगों ने उस पर भी हमला करते हुए उसे मारा पीटा और अर्धनग्न कर दिया। 23 मार्च को भी उक्त लोगों से विवाद हुआ था जिसपर पुलिस ने दोनो पक्षों को समझा कर सुलह करवा दिया था। रास्ते को लेकर अभियुक्तगण 20 वर्षो से रंजिश रखते हैं। पीडि़त आलोक शुक्ला न्याय की आस में सीएम योगी के दराबार में भी गुहार लगाई है। आलोक का कहना कि आरोपी रसूखदार हैं इसलिए पुलिस कार्रवाई करने से बच रही है। पीडि़त ने सीएम से उसे व उसके परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है।