
बलरामपुर. यूपी के बलरामपुर में सिक्ख धर्म के दसवें गुरू गोविंद सिंह का प्रकाशोत्सव धूमधाम से मनाया गया। गुरू गोविंद सिंह के प्रकाशोत्सव पर पूरे नगर में गुरू ग्रंथ साहिब की शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा की अगुआई पंच प्यारों ने की। गुब्बारे एवं रंगबिरंगी झालरों से सजी बाजार में शोभायात्रा निकली तो लोगों में गजब का उत्साह दिखा। शोभायात्रा के दौरान सिक्ख धर्म की सेवादार महिलाओं ने बाजार की सड़कों पर झाडू लगाकर साफसफाई की। नन्हें मुन्ने बच्चों ने गुरू नानक व गुरू गोविन्द सिंह के त्याग एवं बलिदान को कीर्तन के माध्यम से प्रस्तुत किया।
प्रकाशोत्सव पर पंजाब के तरनतारन से आये गिनीज बुक फेम वीर खालसा ग्रुप ने वीरता से जुड़े कई हैरतअंगेज करतब दिखाये। प्रकाशोत्सव के दौरान ग्रुप के सदस्यों ने सिक्ख धर्म की बहादुरी के कारनामे दिखाये और कालांतर में सिक्ख धर्म पर हुए अत्याचारों का भी मंच से प्रदर्शन किया। शोभायात्रा व ग्रुप द्वारा प्रस्तुत किये गये हैरतअंगेज कारनामों को देखने के लिए पूरा शहर उमड़ पड़ा। नुकीले तीर पर पेट के बल धूमना, सिर पर आग लगाकर शीशे के राड फोड़ना, चलती डील मशीन से सिर में छेद करना, सिर पर शीशे की पोटली बांधकर नारियल फोड़ना, सिर पर शीशे के रॉड फोड़ना, नूकीली कीलों पर सिर व बर्फ रखकर फोड़ना, पीठ पर कीलों के ऊपर से प्रेशर देना, आग के गोले को घूमाना जैसे तमाम करतब शामिल थे। ग्रुप के सभी सदस्य जान जोखिम में डालकर हैरतअंगेज कारनामें करते नजर आये। ग्रुप के उस्ताद कंवल जीत सिंह ने बताया की 1986 में सिक्ख समुदाय के साथ हुए अत्याचार का इंसाफ हमे अभी तक नहीं मिला है और हम पर हुए अत्याचार को मंच के माध्यम से प्रदर्शित करते है। नगर के विभिन्न मार्गों से होता हुई शोभायात्रा पुनः गुरूद्वारे पर जाकर समाप्त हुई। जगह जगह श्रद्धालुओं ने शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया।
Updated on:
03 Jan 2018 03:07 pm
Published on:
03 Jan 2018 03:05 pm
बड़ी खबरें
View Allबलरामपुर
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
