
डीएम विपिन कुमार जैन फोटो सोर्स ऑफिशियल अकाउंट
बलरामपुर जिले में आंगनबाड़ी कार्यकत्री भर्ती के नाम पर रिश्वत लेने का मामला सामने आया है। शिकायत मिलने पर जिला प्रशासन ने त्वरित जांच कराई। जिसमें दो बाबुओं और एक बिचौलिये द्वारा पैसे लेने की पुष्टि हुई। तीनों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जेल भेज दिया गया है।
विकास खंड तुलसीपुर के ग्राम लालबोझी में वर्ष 2025 की आंगनबाड़ी कार्यकत्री भर्ती प्रक्रिया के दौरान पैसे के लेन-देन की शिकायत सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। जिलाधिकारी विपिन कुमार जैन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। डीएम के निर्देश पर पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की गई। जिसमें जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, सहायक निदेशक मत्स्य, सीडीपीओ हरैया सतघरवा और सीडीपीओ बलरामपुर देहात को शामिल किया गया। समिति ने अपनी जांच रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि परियोजना कार्यालय तुलसीपुर में तैनात परियोजना लिपिक जमुना प्रसाद और तत्कालीन आंगनबाड़ी नियुक्ति पटल के बाबू रामसूचित वर्मा ने अपने पद का दुरुपयोग किया।
जांच में यह भी सामने आया कि आंगनबाड़ी चयन में तैनाती दिलाने के नाम पर शिकायतकर्ता से कुल 1 लाख 40 हजार रुपये लिए गए। इस पूरे प्रकरण में मुन्नालाल जायसवाल नामक बिचौलिये की भी सक्रिय भूमिका पाई गई। समिति ने चयनित आंगनबाड़ी कार्यकत्री के आय प्रमाण पत्र की तहसील स्तर से दोबारा जांच कराने की भी सिफारिश की है।
जांच रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने दोनों बाबुओं और बिचौलिये के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। साथ ही दोनों बाबुओं के विरुद्ध निलंबन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में सभी भर्तियां पूरी तरह पारदर्शी और मेरिट के आधार पर कराना उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। भर्ती या किसी भी जनकल्याणकारी योजना में भ्रष्टाचार को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि भर्ती के नाम पर कोई पैसा मांगता है। तो तुरंत शिकायत करें और किसी के बहकावे में न आएं।
Updated on:
31 Jan 2026 06:12 pm
Published on:
31 Jan 2026 06:12 pm
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