
नेपाल सीमा और चुनावी वर्ष को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं : एडीजी
बलरामपुर. 51 शक्तिपीठों में से एक मां देवीपाटन शक्तिपीठ माता सती के वाम स्कंध गिरने के कारण यह स्थल सिद्ध पीठ बना। चैत्र नवरात्रि में यहां देश विदेश से श्रद्धालु मनोकामना पूर्ती के लिए दर्शन करने आते है। इस दौरान मंदिर प्रांगण में एक माह तक चलने वाले भव्य मेले का आयोजन भी होता है। वहीं शारदीय नवरात्रि में नौ दिन तक मां भगवती की विशेष पूजन अर्चन होती है। भारत नेपाल सीमा की निकटता तथा उभय राष्ट्रो की धार्मिक एक रूपता के कारण यह पावन स्थल दोनों ही देशो के करोड़ो श्रद्वालुओ की धार्मिक एवं सांस्कृतिक एक रूपता को भी परिलक्षित करता है। सामान्यतया अश्विन तथा चैत्र नवरात्र पर्व पर यह पीठ अनुष्ठान की दृष्टि से महत्वपूर्ण होता है। चैत्र नवरात्र पर्व का शुभांरभ के साथ एक माह के मेले की भी शुरूआत हो जाती है। जिससे एक माह तक तुलसीपुर नगर सहित आसपास का क्षेत्र श्रद्वालुओ का केन्द्र बना बना रहता है।
चैत्र नवरात्र के पहले दिन आदि शक्ति देवी पाटन मन्दिर में भोर से ही आस्था का जन सैलाब उमड़ पड़ा। दूर दराज क्षेत्रों से आए श्रद्धालु के जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा। नवरात्र के पहले दिन मां के नौ दुर्गा स्वरूप में से पहले स्वरूप शैलपुत्री की पूजा अर्चना की। वही मन्दिर महंत मिथिलेश नाथ ने मन्दिर परिसर में मां दुर्गा का आह्वाहन कर वेदमंत्रोच्चारण के साथ कलष की स्थापना की।
सुरक्षा व्यवस्था में नही होने दी जाएगी कमी - एडीजी
एडीजी जोन दावा शेरपा आज नवरात्र के पहले दिन शक्तिपीठ देवीपाटन मन्दिर पहुंचे। उन्होंने मन्दिर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ बैठक कर विशेष सतर्कता बरते जाने का निर्देश दिया। नेपाल सीमा के नजदीक और चुनावी वर्ष होने के कारण शक्तिपीठ देवीपाटन की की सुरक्षा काफी संवेदनशील हो जाती है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ही इस शक्तिपीठ के पीठाधीश्वर भी है इसलिये इस मन्दिर की सुरक्षा और यहाँ आने वाले श्रद्धालुओ की सुरक्षा को लेकर पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। एडीजी जोन ने कहा कि श्रद्धालुओ को कोई असुविधा न हो और दर्शन के पश्चात श्रद्दालुओ की सकुशल वापसी हमारा दायित्व है।
Published on:
08 Apr 2019 08:46 am
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