
आजमगढ़ में गला व्यापारी की गोली मारकर हत्या
ना लव जिहाद ना घर वापसी अपने इच्छा से गुलनाज ने बांदा के रमेश चंद्र से कोर्ट मैरिज किया था। दोनों हंसी-खुशी परिवार से दूर मुंबई में रह रहे थे। दोनों की खुशी गुलनाज के घर वालों को रास नहीं आई। पिता और भाई ने मिलकर दोनों दंपति को मौत के घाट उतार दिया। इस डबल मर्डर केस पूरे बांदा में सनसनी फैल गई है।
मुंबई पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार पिता और भाई से पूछताछ में पूरा मामला सामने आ गया। दरअसल मुस्लिम पिता को हिंदू दामाद रास नहीं आ रहा था। उन्हें बाहर निकलने में शर्मिंदगी महसूस होती थी। पिता ने बताया 15 अक्टूबर को दामाद की हत्या की, और फिर उसके बाद रस्सी से गला घोटकर बेटी गुलनाज की भी जान ले ली।
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गुलनाज की शिकायत से पिता को सता रहा था डर
15 अक्टूबर को दामाद की हत्या के बाद बेटी गुलजार लगातार अपने पति के बारे में पूछताछ कर रही थी। पिता को डर था कि कहीं पूछताछ में हम पकड़े न जाए। शिनाख्त न होने पर मुंबई पुलिस ने शव के फोटो को प्रकाशित करवाया था। शिनाख्त होने के बाद बांदा पुलिस से भी मुंबई पुलिस ने दूरभाष से बात की और यहां से उसके बारे में पता लगाया। स्थानीय पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मुंबई पुलिस ने बताया कि करन के नहीं मिलने पर गुलनाज ने अपने परिवार वालों से उसके बारे में जानकारी मांगी थी। इस पर उन लोगों को गुलनाज के शिकायत किए जाने का डर लगा और भाई और पिता ने मिलकर गुलजार की भी जान ले ली।
Published on:
18 Oct 2023 07:23 pm
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