
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के 146 लाभार्थियों ने योजना की 50000 रूपये की प्रथम किश्त मिलने के बाद आवास का प्रारंभिक निर्माण नहीं कराया, जिससे इन लाभार्थियों के आवास निरस्तीकरण और राजस्व वसूली की प्रक्रिया शुरू की गई।
सहायक निदेशक बचत एवं परियोजना निदेशक डूडा राकेश कुमार जैन ने शनिवार को यह जानकारी एक प्रेस विज्ञप्ति में दी। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के अंतर्गत जिले की दो नगर पालिकाओं और 6 नगर पंचायतों में अब तक कुल 19,558 आवास स्वीकृत किए गए।
जिसमें पात्र लाभार्थियो, को चरणबद्ध प्रथम किस्त में रुपए 50,000 दूसरी किश्त में डेढ़ लाख और आवास पूर्ण करने पर अंतिम किस्त के रूप में 50,000 की धनराशि का भुगतान किया जा रहा है।
नगर पालिका बांदा क्षेत्र के 84 , अतर्रा नगर पालिका क्षेत्र के 20 , नगर पंचायत मटौंध के 09 , बबेरू के 07 , बिसंडा के 12 , नरैनी के 07 , ओरन के 05 , एवं नगर पंचायत क्षेत्र तिंदवारी के दो कुल 146 लाभार्थियों ने प्रथम किस्त की 50,000 की धनराशि प्राप्त करने के बाद अब तक फाउंडेशन निर्माण का कार्य नहीं किया।
उन्होंने बताया कि ऐसे सभी लाभार्थियों को कार्यालय स्तर से अनेकों बार नोटिस दिया गया साथ ही थाना क्षेत्र की पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों द्वारा मौके पर जाकर उन्हें चेतावनी भी दी गई।
उसके बाद भी न तो उन्होंने फाउंडेशन निर्माण कराया और न ही प्राप्त धनराशि वापस की। जिसकी सूची नगरपालिकाओं एवं नगर पंचायतों और डूडा के कार्यालयों में चसपा की गई है। जिसमें उन्हें पुनः चेतावनी दी गई की 5 दिन के अंदर फाउंडेशन स्तर का कार्य न करें जाने के संबंध में वह अपना स्पष्टीकरण दें।
अन्यथा की स्थिति में उनके स्वीकृत आवासों को निरस्त कर राजस्व वसूली की कार्रवाई की जाएगी। जिसका संपूर्ण उत्तरदायित्व संबंधित लाभार्थी का ही होगा।
Updated on:
04 Nov 2023 05:54 pm
Published on:
04 Nov 2023 05:52 pm
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