26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आपकी जाति रहेगी या नहीं बताएगा ये संस्थान

आपकी जाति रहेगी या नहीं बताएगा ये संस्थान

2 min read
Google source verification

बांदा

image

Ruchi Sharma

Jul 10, 2018

news

आपकी जाति रहेगी या नहीं बताएगा ये संस्थान

लखनऊ. अगर आपकी जात कही विलुप्त होने के कगार पर तो नहीं या सजातीय या समोदाय के अंदर की शादियों जिसे एंडोगैमस मैरिज कहते है उसकी वजह से आपकी जाति के अस्तित्व खत्म होने वाला नहीं है, इस व्यवस्था को शोध की सुविधा से पता लगाया जा सकता है । यह सुविधा देश में सिर्फ एक जगह है, उस संस्थान का नाम है बीरबल साहनी इंस्टीट्यूट अॉफ पैलियोसाइंसेज (बीएसआईपी) । यहां की डीएनए लैब में जाति व्यवस्था पर शोध किया जाता है ।

जाति व्यवस्था पर होगा शोध

डॉ. राय ने बताा कि बीएसआईपी में देश की इकलौती पुरातन डीएनए लैब बनाई गई है। इससे पहले सीसीएमबी हैदराबाद में एेसी लैब थी जो अब बंद हो गई है । बीएसआईपी की इस लैब में पिछले १०,००० सालों में अलग-अलग मानव जीवाश्मों की जांच कर डीएनए में आए बदलाव को देखा जाएगा । इससे जाति व्यवस्था, गोत्र व्यवस्था के अलावा इंसानों के एक जगह से दूसरे जगह हुए प्रवास, उनके क्रमिक विकास को समझा जा सकेगा ।

पता चल पाएगा इतिहास

बीएसआईपी में एक अौर नई सुविधा रेडियोक्रोनोलॉजी एंड आइसोटॉप कैरेक्टराइजेशन लैब के रूप की गई है। इससे पहले वैज्ञानिक कार्बन डेटिंग कर जीवाश्मों की उम्र पता करने के लिए १९७४ में बनी लैब का उपयोग कर रहे थे। प्रभारी वैज्ञानिक डॉ. राजेश अग्निहोत्री ने बताया कि इससे नमूनों का परीक्षण करने और उनको पूरी प्रोसेस की प्रक्रिया से गुजारने के लिए 2 से 3 दिन का समय लगता था। ऐसे में पूरे सप्ताह में 2 नमूने ही पूरी प्रोसेस को पाते थे। वही अधिक मात्रा भी जीवाश्म से निकलने वाले कार्बन भी चाहिए होती थी। नई लैब में अब कम समय में 1 मिलीग्राम तक न्यूनतम मात्रा को प्री प्रोसेस किया जा सकेगा। डॉक्टर अग्निहोत्री ने बताया कि अब केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय से एक्सीलरेटर मास स्पेक्ट्रोमीटर के लिए 11 करोड़ों रुपए का बजट मांगा गया है।