
ब्राह्मण ने इस्लाम लिया कबूल, पड़ोसियों ने जीना किया मुश्किल
बांदा. जिले में हिंदू समाज के एक ब्राह्मण समाज के परिवार के लोगों को इस्लाम धर्म कबूलना महंगा पड़ रहा है। इस परिवार के मुखिया ने सन् 2011 में इस्लाम धर्म कबूला था। जिसके बाद सन् 2013 में इसकी पत्नी और बच्चों ने भी इस्लाम धर्म कबूल कर लिया था। वहीं इस परिवार के लोगों ने एसडीएम बबेरू को प्रार्थना पत्र देकर पड़ोसियों द्वारा इस्लाम धर्म कबूलने पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया, जिसपर एसडीएम व स्थानीय पुलिस पीड़ित परिवार के घर पहुंचे व जांच पड़ताल करी।
जानिए, क्या है पूरा मामला
मामला जिला बांदा के बबेरू कस्बे का है। जहां पर पतवन निवासी घनश्याम शुक्ला तथा उनकी पत्नी कालिंद्री शुक्ला अपने बच्चों के साथ रहती है। इन दोनों की शादी के बाद घनश्याम के परिवार के लोगों ने धनश्याम व उसकी पत्नी को घर से निकाल दिया था। जिसके बाद इन लोगों ने बबेरू में ही 50,000 रुपये का माकन खरीद लिया था और उसमें रहने लगे थे।
घनश्याम मानसिक रूप से परेशान रहता था जिसपर किसी ने इनको हरदौली के "चापे शाह बाबा" की मजार में जाने की सलाह दी थी। जिसपर ये उस मजार में जाने लगे थे और इसके बाद धनश्याम ने सन् 2011 में इस्लाम धर्म कबूल लिया था। वहीं सन् 2013 में इसकी पत्नी और बच्चों ने भी इस्लाम धर्म कबूल लिया था। समय बीतता गया और पड़ोसियों को इस बात की जानकारी हुई तो पड़ोसियों द्वारा इनको प्रताड़ना मिलने लगी। जिससे इस परिवार ने परेशान होकर बबेरू एसडीएम से न्याय की गुहार लगाई। बबेरू एसडीएम पुलिस बल के साथ पीड़ित परिवार के घर पहुंचे व पूछताछ की।
इसलिए कबूला इस्लाम
पीड़ित घनश्याम शुक्ला ने बताया कि सन् 2011 में मुझे साक्षात "चापे शाह बाबा" के दीदार हुए। जिससे मैं वहां पर उन्हीं के कहने पर 27 महीना बिना अनाज के वहां पर अनुष्ठान एवं जिक्र किया। उन्हीं के बताए हुए रास्ते में मैं चल रहा हूं। मैंने इस्लाम धर्म इसलिए कबूला क्योंकि पहले मैं देवी देवताओं की पूजा और अर्चना करता था लेकिन उनके सामने मुझे कोई सच्चाई का फायदा नहीं मिला। जब से मैं बुजुर्गों का दीदार किया तभी से उन्हीं के बताए हुए रास्ते पर चल रहा हूं, इसलिए मैं इस्लाम कबूला है।
उनका कहना हैं कि मेरे बच्चों को लोग छेड़ते हैं, कई बार पुलिस को पड़ोसियों से प्रताड़ना की जानकारी दी पर प्रशासन ने इसपर ध्यान नहीं दिया। बताया कि पिछली सरकार में मुझे कोई दिक्कत नहीं होती थी। मगर जब से यह नई सरकार बनी है तब से मुझे लोग ज्यादा परेशान किया करते हैं। इसपर घनश्याम शुक्ला की पत्नी कालिंद्री शुक्ला ने बताया कि जब मेरे पति ने 2011 में धर्म परिवर्तन किया था, तो मुझे भी दिक्कत हुई थी। मगर ऐसे हालात बन गए कि जिसके चलते मुझे भी इस्लाम धर्म को अपनाना पड़ा क्योंकि मुझे घर के ही लोग जीने नहीं देते थे इसलिए उनकी जात और धर्म वापस कर दिया और मैं भी अपने पति के साथ 2013 में इस्लाम धर्म अपनाया। अब यहां के लोग हमें जीने नहीं देते कई बार शिकायत किया, लेकिन मोहल्ले के लोग कहते हैं कि तुमने इस्लाम धर्म अपनाया है, हम यहां नहीं रहने देंगे। बताया कि पहले यहां के लोगों को हमारे इस्लाम धर्म जानकारी नहीं थी लेकिन जब से जानकारी हुई है तबसे हम लोग मोहल्लेवासियों से परेशान रहते है।
उधर बबेरू एसडीएम अवधेश कुमार श्रीवास्तव का कहना है कि इन्होंने अपनी खुशी से इस्लाम धर्म अपनाया है। इनके पति घनश्याम शुक्ला ने 2011 में इस्लाम धर्म अपनाया है और उनकी पत्नी 2013 में धर्म परिवर्तन किया। इन्होंने अपनी खुशी से इस्लाम कबूल किया है। यह आज की बात नहीं है 2011 और 2013 की बात है । बताया कि यहां पर जांच करने के बाद यह सामने आया है की एक साल से यह परेशान हैं क्योंकि जिससे इन लोगों ने यह जमीन खरीदा था उनके लड़के ने जमीन को लेकर विवाद किया था जबकि लड़के की माता से 50,000 रुपया देकर जमीन बेचा था।
इसी मामले को लेकर अदालत में इनका दीवानी मुकदमा भी चल रहा है। इनका यहां कोई धर्म परिवर्तन की बात सामने नहीं आई। वैसे किसी भी प्रकार का दबाव नहीं था, इन्होंने अपनी खुशी से धर्म परिवर्तन किया वैसे यहां पर शांति व्यवस्था सब ठीक है।
Updated on:
07 Apr 2018 01:00 pm
Published on:
07 Apr 2018 10:38 am
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