21 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बुंदेलखंड के किसान की बेटी को UPSC में मिली 7वीं रैंक, राधा ने पहले प्रयास में पाई सफलता

यूपी के बांदा की रहने वाली राधा ने UPSC जियो-साइंटिस्ट एग्जाम 2023 में 7वीं रैंक पाकर अपने परिवार के साथ-साथ जनपद का भी मान बढ़ा दिया है। एक बुंदेलखंड के किसान की बेटी ने पहले ही अटेंप्ट में 7वी रैंक हासिल करके दूसरों को भी इस क्षेत्र में जाने की प्रेरणा दे दी है।

less than 1 minute read
Google source verification
Radha of Banda has secured 7th rank in her first attempt of UPSC

बांदा की राधा ने UPSC के पहले अटेंप्ट में ही 7वीं रैंक हासिल की है।

जब हौसले बुलंद हो तो सफलता भी निश्चित कदम चूमती है। यह करिश्मा बुंदेलखंड के एक किसान परिवार की बेटी ने कर दिखाया। जिसने पहले ही प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा पास कर ली। इस सफलता पर परिवार के साथ-साथ पूरा गांव गौरवान्वित महसूस कर रहा है।

राधा के पिता ने 22 साल पहले छोड़ दिया था घर

मूल रूप से बांदा जनपद की देहात कोतवाली क्षेत्र के पचनेही गांव के रहने वाले किसान अनिल अवस्थी बताते हैं कि उनके एक बेटा और तीन बेटियां हैं। उनकी पत्नी एमए किए है लेकिन हाउस वाइफ है। बच्चों का भविष्य बनाने के लिए उन्होंने 22 साल पहले यानी कि 2001 में घर छोड़ दिया था। फिर लखनऊ में एक किराए के मकान में रहकर बच्चों को पढ़ाया लिखाया।


राधा ने पहले अटेंप्ट में एग्जाम किया क्रैक

जितनी लगन से राधा के पिता बच्चों की पढ़ाई पर ध्यान दे रहे थे। बेटी भी उतनी ही मेहनती निकली। राधा ने अपनी स्कूलिंग से लेकर बीएससी तक की पढ़ाई लखनऊ से की। इसके बाद केंद्रीय विद्यालय सागर से एमटेक किया। इसी दौरान उसने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी थी। और राधा की मेहनत रंग लाई। पहले अटेंप्ट में ही यूपीएससी जियो-साइंटिस्ट एग्जाम क्रैक कर लिया है।


सभी बच्चे हो गए कामयाब

बुंदेलखंड के किसान अनिल अवस्थी के तीनों बच्चे कामयाब हो गए। बेटा इंजीनियर, एक बेटी लेक्चरर, दूसरी बैंक मैनेजर है और अब तीसरी बेटी राधा ने यूपीएससी क्रैक किया है। राधा अपनी कामयाबी का पूरा श्रेय अपने माता-पिता को देती है।