बांदा. एमपी के सतना में जुड़वा भाइयों के अपहरण के मामले में रविवार को बाँदा पुलिस ने दोनों लाशों की बरामदी करते हुए हत्या का खुलासा किया है। पुलिस ने जुड़वा भाइयों के हत्यारों को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर दोनों बच्चो की लाश को बबेरू क्षेत्र में नदी से बरामद किया है । बच्चों के स्कूल में पढ़ने वाला छात्र, जो की उनका ट्यूशन मास्टर भी था, ही बच्चों का हत्यारा निकला है। बच्चों के पिता ने अपने दो मासूम बेटों को खोने के बाद हाथ जोड़कर रोते हुए कहा कि ऐसे नरपिशाचों को समाज में रहने का कोई हक नहीं है, इन्होंने एक मां की ममता को तार-तार किया है। उन्होंने हत्यारों को सख्त से सख्त सजा देने की मांग की।
12 फरवरी को किया गया था अपहरण-
बता दें कि बाँदा जनपद से 80 किलोमीटर की दूरी पर स्थित चित्रकूट जिले में इसी महीने की 12 तारीख को दोपहर 12 बजे पुब्लिक स्कूल कैम्पस की स्कूल बस से दो जुड़वा बच्चों का अपहरण किया गया था। इस घटना के बाद से यूपी व एमपी पुलिस अपहरित बच्चों की तलाश में जुटी थी। बीती रात बाँदा पुलिस ने अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार कर उनकी निशानदेही पर बच्चों की लाश को बबेरू कसबे के पास नदी से बरामद किया है। अपहरणकर्ताओं ने बछ्कों के पिता से फिरौती की मांग की थी, जिसपर पिता ने फिरौती दी भी थी, लेकिन इसके बाद भी बच्चों के हाथ-पैर बांधकर उनको जिन्दा नदी में फेंक दिया गया था।
पुलिस अधीक्षक ने दिया बयान-
इन बच्चों के अपहरण के मामले में एसटीएफ ने 4 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमे बच्चों को पढ़ाने वाला ट्यूसन मास्टर भी शामिल है। इस पूरे मामले को लेकर बांदा पुलिस अधीक्षक गणेश साहा ने बताया कि देर रात बाँदा पुलिस ने अपहरणकर्ताओं को गिरफ्तार किया था व उनकी निशानदेही पर मरका थाना क्षेत्र से यमुना नदी घाट से दो बच्चों के शव बरामद हुए हैं। उन्होंने बताया कि कुछ दिन पहले इनका मध्य प्रदेश के सतना जिले के चित्रकूट क्षेत्र से अपहरण किया गया था।
अपहरणकर्ताओं ने बताया यह-
मृतक जुड़वा भाइयों के पिता बृजेश रावत तेल व्यवसायी हैं, जो चित्रकूट यूपी क्षेत्र के रामघाट के रहने वाले हैं। पीड़ित पिता की मानें तो पुलिस पूछताछ में अपहरणकर्ताओं ने बताया कि बांदा के मरका थाना क्षेत्र के जोगनी देवी मंदिर के पास यमुना नदी के घाट पर उसके दोनों बच्चों श्रेयांश और दिव्यांश को फेंका था। पीड़ित पिता ने रो-रो कर कहा की हत्यारों ने दोनों मासूमों के हाथ पैर पत्थर से बांधकर शव को नदी में फेंक दिया। बताया कि अपहरणकर्ताओं की डिमांड के अनुरूप उन्होंने फिरौती की रकम भी इन्हें दे दी थी, इसके बावजूद हत्यारों ने मासूम बच्चों की निर्मम हत्या कर दी। उन्होंने कहा कि ऐसे नरपिशाचों का समाज में रहने का कोई हक नहीं है, ऐसे हत्यारों को सख्त से सख्त और जल्द से जल्द सजा मिलनी चाहिए, क्योंकि इन्होंने एक मां की ममता को तार-तार कर दिया।