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मुख्तार अंसारी की मौत: बेटे ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया, न्यायपालिका पर भरोसा जताया

गुरुवार देर रात बांदा जेल में बंद बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी का हार्ट अटैक से निधन हो गया। मेडिकल कॉलेज बांदा ने उनकी मौत की पुष्टि की है। मुख्तार की मौत के बाद पूरे यूपी में पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। मऊ, गाजीपुर और बांदा जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है।

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Son of former Bahubali leader Mukhtar Ansari said- 'Drama in the name of treatment', 'Trust in judiciary'

पूर्व बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी का बेटा बोला- 'इलाज के नाम पर ड्रामा', 'न्यायपालिका पर भरोसा'

पूर्वी उत्तर प्रदेश के बाहुबली नेता मुख्तार अंसारी का गुरुवार को हार्ट अटैक से निधन हो गया। वे बांदा जेल में बंद थे। मेडिकल कॉलेज बांदा ने उनकी मृत्यु की पुष्टि की है। पूरे यूपी में पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी है। मऊ, गाजीपुर और बांदा जिले में धारा 144 लागू कर दी गई है।

बेटे ने जेल प्रशासन पर लगाए आरोप

मुख्तार के बेटे उमर अब्बास ने जेल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि उनके पिता को उचित इलाज नहीं दिया गया। उमर ने कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर भरोसा है और वे इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं।

वहीं, मुख्तार के भाई अफजाल अंसारी ने भी जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्तार को जहर दिया गया था। उन्होंने कहा कि वे इस मामले की CBI जांच की मांग करेंगे।


बीमारी और खौफ का साया:

मुख्तार अंसारी, जिनके नाम से कभी गुंडे, माफिया और बिल्डर्स भी कांपते थे, उन्हें अपनी जिंदगी के अंतिम दिनों में खौफ का सामना करना पड़ रहा था। पंजाब से बांदा जेल लाए जाने के बाद से लगातार बीमारियों से जूझ रहे थे। उन्हें ब्लड प्रेशर, शुगर और पेट की बीमारी थी।

दोनों भाइयों की हत्या का खौफ:

हाल ही में अतीक अहमद और उनके भाई की हत्या के बाद से मुख्तार अंसारी के मन में कानून और मौत का खौफ बढ़ गया था। यही खौफ उनकी मौत का कारण बन सकता है।

परिवार के आरोप:

दो दिन पहले, जब मुख्तार की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें जेल से मेडिकल कॉलेज लाया गया था, तब उनके भाई अफजाल और बेटे उमर अब्बास ने जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए थे। अफजाल ने कहा था कि उनके भाई की हत्या का सातवीं बार प्रयास किया गया है। उमर ने भी प्रशासन पर आरोप लगाया था कि उन्हें अपने पिता से मिलने नहीं दिया गया था।

जांच के दौरान हार्ट अटैक:

जेल सूत्रों के अनुसार, गुरुवार दोपहर से मुख्तार की तबीयत बिगड़ने लगी थी। जिला अस्पताल के डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच की थी।

अंतिम संस्कार:

मुख्तार अंसारी का अंतिम संस्कार गुरुवार शाम को उनके पैतृक गांव मऊ में किया गया।

न्यायपालिका पर भरोसा:

मुख्तार अंसारी के निधन के बाद, उनके परिवार ने न्यायपालिका पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि उन्हें विश्वास है कि न्यायपालिका उन्हें न्याय देगी।