
नोडल अधिकारी ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को लगाई फटकार, ये लापरवाही आई थी सामने
बांदा. शासन द्वारा जिले के लिए नियुक्त नोडल अधिकारी और प्रदेश के खाद्य एवं रसद विभाग के आयुक्त मनीष चौहान आज बांदा पहुंचे जहां उन्होंने कई विभागों का निरीक्षण किया, आयुक्त ने निरीक्षण में कड़े तेवर अपनाए। बिसंडा ब्लाक के उमरेंहडा गांव में निरीक्षण के दौरान गर्भवतियों को टीका न लगाने की शिकायत पर एएनएम को प्रतिकूल प्रविष्टि के निर्देश दिए, साथ ही खाद्य निरीक्षक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई करने को कहा।
नोडल अधिकारी के रूप में नियुक्ति के बाद अपने पहले निरीक्षण भ्रमण में मनीष चौहान ने उमरेंहडा गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं जहां उन्हें चकबंदी की शिकायतें मिली। नोडल अधिकारी ने डीएम को निर्देश दिए कि चकबंदी के दोषी अधिकारियों व कर्मियों पर कार्रवाई करें, चकबंदी अधिकारी कैंप लगाकर समस्याएं दूर करें। कई योजनाओं का मौके पर सत्यापन किया गया। शौचालय की दूसरी किस्त न मिलने, आंगनबाड़ी के अभिलेख पूरे न होने पर असंतोष जताया है। प्राथमिक विद्यालय में बच्चों से पठन-पाठन, पुस्तक, ड्रेस, जूता-मोजा वितरण, मिड-डे मील आदि के बारे में पूछा।
कठोर कार्रवाई के लिए रहे तैयार
ग्रुप हाउसिंग योजना के तहत बनाए गए आवासों का निरीक्षण किया गया, इनमें अब तक बिजली कनेक्शन न होने पर नाराजगी जताते हुए एक हफ्ते में कनेक्शन कराने और 15 दिन में कमेटी बनाकर आवंटियों को कब्जा दिलाने के निर्देश दिए। उन्होंने बिसंडा थाने और अतर्रा तहसील का निरीक्षण भी किया। अतर्रा में आपूर्ति निरीक्षक का काम दुरुस्त नहीं मिला। स्टाफ के बैठने के व्यवस्था भी ठीक नहीं थी जिसपर नोडल अधिकारी ने डीएसओ के निर्देश दिए कि खाद्य निरीक्षक के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के लिए लिखें। आयुर्वेदिक कालेज के निरीक्षण में वहां चल रहा निर्माण समय से पूरा न होने पर जिम्मेदारी तय करने को कहा। नोडल अधिकारी के साथ निरीक्षण में डीएम हीरालाल ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी काम गुणवत्ता और समयबद्ध पूरे करें। अब शिकायतें मिलीं तो कठोर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
Published on:
11 Oct 2019 07:52 pm
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