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यूपी के इस जिले में आज भी जिन्दा है इंसानियत, गरीब व भूखे लोगों को रोजाना दिया जाता है खाना

बांदा में आज से लगभग 8 महीने पहले शहर के कुछ लोगों ने रोटी बैंक की सुरवात की थी और आज इस रोटी बैंक में लगभग 80 से 90 लोग जुड़ चुके है जो जगह-2 से खाना इकट्ठा कर गरीब व भूखे लोगों को दो रोजाना खाना बटवाते हैं।

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बांदा

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Neeraj Patel

Dec 17, 2018

roti bank for poor people in up

यूपी के इस जिले में आज भी जिन्दा है इंसानियत, गरीब व भूखे लोगों को रोजाना दिया जाता है खाना

बांदा. जिले में आज भी इंसानियत जिन्दा है, आज ही देश में ऐसे लोग है जो सिर्फ अपनी ही नहीं बल्कि गरीबी की हालत में गुजारा कर रहे भूखे लोगों की हालत को देखकर उनके लिए दो वक़्त की रोटी का इंतजाम खुद करते हैं। बांदा में आज से लगभग 8 महीने पहले शहर के कुछ लोगों ने रोटी बैंक की सुरवात की थी और आज इस रोटी बैंक में लगभग 80 से 90 लोग जुड़ चुके है जो जगह-2 से खाना इकट्ठा कर गरीब व भूखे लोगों को दो रोजाना खाना बटवाते हैं। ये लोग अपनी ही दम पर इस बैंक को चला रहे हैं, इसमें अभी तक किसी और का सहयोग इन्हे नहीं मिला है।

आपको बतादें कि शहर के विष्णु साहू सहित 5 लोगो ने आपस में मिलकर "बांदा रोटी बैंक" के नाम से एक संस्था बनाई और इन लोगों ने मोहल्ले के हर घर में जाकर बचे हुए खाने और पुराने कपड़ों को अलग-2 इकट्टा करते हैं और शहर की तमाम जगह पर जाकर गरीब व असहाय लोगो के भूखे पेट भरने और कपड़े पहनने के लिए उपलब्ध कराते हैं। इसके बाद से जिन लोगो ने इस रोटी बैंक के बारे में सुना आज वो खुद व खुद आगे बढ़ चढ़कर इसमें सहयोग कर रहे है।

लोगों ने खुद आकर इस संस्था में खाना और कपड़ा देना शुरू किया

बांदा शहर में इस नेक काम को देखकर तमाम लोगों ने खुद आकर इस संस्था में खाना और कपड़ा देना शुरू कर दिया है। आज इस बैंक में लगभग 80 से 90 लोग जुड़ चुके हैं जो कि शहर के तमाम मोहल्लों में अलग-२ जाकर और शहर के होटल व मैरिज हॉल में जाकर बचे हुए खाने को वहां से लेकर आते हैं इसके बाद खाने को गर्म कर अलग-२ पैकटों में भरकर रोटी बैंक शहर में विभिन्न जगहों पर जाकर भूखे लोगों को खाना व कपड़ा देते हैं।

गरीब व्यक्ति को समय पर खाना मिल सके

इस रोटी बैंक के अध्यक्ष रिजवान अली व सादिक जमा ने बताया कि हम लोग अपने सारे काम छोड़कर इस काम को पहले करते हैं ताकि गरीब व्यक्ति को समय पर खाना मिल सके और वह भूखा न सोये और न ही किसी गरीब की भूख से मौत हो पाए हमारा ये प्रयास रहता है। साथ ही बताया कि इस बैंक में जो भी थोड़ा बाहर खर्चा इस संस्था को चलाने में आता है उसे हम हम आपस में ही चंदा कर अर्चनों को दूर कर लेते हैं। इस रोटी बैंक को किसी भी तरह की सरकारी मदद नहीं मिलती है, युवाओं ने समाज में ये नई पहल की है जिसमें और भी लोगों को बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए, जिससे कोई भी गरीब भूखा न सोये और न ही किसी भी गरीब की भूख से मौत हो सके।