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यादव महासभा ने किया प्रदर्शन, रखी अपनी मांगे

पिछले महीने बांदा के कमसिन में एडीओ पंचायत लालमणि यादव की खुदकुशी और नोएडा में जीतेन्द्र यादव इनकाउंटर मामले पर सियासत तेज होती दिख रही है।
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बांदा

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Ruchi Sharma

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Updated: 10 Feb 2018, 5:40 PM IST

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बांदा. पिछले महीने बांदा के कमसिन में एडीओ पंचायत लालमणि यादव की खुदकुशी और नोएडा में जीतेन्द्र यादव इनकाउंटर मामले पर सियासत तेज होती दिख रही है। बुंदेलखंड के बांदा में शुक्रवार को यादव महासभा ने प्रदर्शन कर शासन पर गंभीर आरोप लगाए है। महासभा ने राष्ट्रपति को सम्बोधित ज्ञापन भी डीएम को देते हुए इन मामलों की सीबीआई जांच कराने की मांग की है और मांग पूरी न होने पर प्रदेश व्यापी आंदोलन करने की चेतावनी दी है।

आपको बता दें कि पिछले महीने बांदा के कमासिन एडीओ पंचायत लालमणि यादव ने अपने आवास में ही खुदकुशी की थी, जिसमें सुसाइड नोट में सत्ता के कुछ स्थानीय नेताओं द्वारा उत्पीड़न का आरोप था। इसी को लेकर कर्मचारी संगठन भी प्रदर्शन कर सीबीआई जांच की मांग कर चुका है। वही इस घटना में पुलिस ने जांच उपरान्त 4 लोंगो को दोषी पाते हुए उनके विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर लिया था।

पुलिस ने घटना के बाद बताया था कि कमरे में रखे दस्तावेजों की छानबीन में वहां से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ था। सुसाइड नोट में सुशील कुमार, राकेश, कृष्णदेव और अंजनी कुमार का नाम है, जो मोबाइल पर एडीओ पंचायत और सरकारी सेवा समिति के सचिव पर फर्जी नाम बढ़ाने का दबाव बना रहे थे। सुसाइड नोट में लालमणि यादव ने स्पष्ट लिखा कि यह सूची प्रकाशन योग्य नहीं थी, जिस पर योग्य मतदाता सूची तैयार कराई गई थी। मिचली महीने की शुक्रवार शाम सुशील कुमार अपने कुछ साथियों के साथ आवास में आया था और एडीओ को डराया धमकाया था, जिसकी वजह से एडीओ पंचायत को आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ा था। पुलिस ने सुसाइड नोट के आधार पर चारों लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था व जांच शुरू कर दी थी।

इसी कड़ी में आज बांदा कलेक्ट्रेट में जुलूस की शक्ल में यादव महासभा के लोगों ने जमकर प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारियों ने शासन और प्रशासन पर प्रदेश में अपराधों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया और बीते दिनों एडीओ पंचायत लालमणि यादव के खुदकुशी मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए मामले की सीबीआई जांच कराने और मृतक के परिजनों को तीन करोड़ रुपये मुआवज़ा देने की मांग की है । राष्ट्रपति को भेजे ज्ञापन में यादव महासभा ने प्रदेश में जंगलराज बताते हुए यादव जाती पर हमले और उत्पीड़न का आरोप लगाया । इसी को लेकर कर्मचारी संगठन भी प्रदर्शन कर सीबीआई जांच की मांग कर चुका है।