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125 माननीयों ने लोकायुक्त को नहीं दिया संपत्ति का विवरण

आधे दर्जन से ज्यादा मंत्री भी शामिल
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vidhansuadha

125 माननीयों ने लोकायुक्त को नहीं दिया संपत्ति का विवरण

बेंगलूरु. कांग्रेस, भाजपा और जनता दल एस के 92 विधायक, 33 विधान परिषद सदस्यों ने अपनी संपत्ति का विवरण दिए बगैैर लोकायुक्त अधिनियम का उल्लंघन किया है। खुद मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और अन्य मंत्रियों ने अवधि पार होने के बाद संपत्ति का विवरण दिया।

मंत्रिमंडल के सदस्य एच.डी.रेवण्णा, डीसी तम्मण्णा , सीएस पुट्टराजू, जमीर अहमद खान, बंडप्पा काशमपुर, वेंकट रमणप्पा, एन.महेश, जयमाला, विधायक बी.श्रीरामुलू, कांग्रेस विधायक डॉ.के.सुधाकर, जनता दल एस के एच.विश्वनाथ, एटी रामस्वामी ने अभी तक संपत्ति का विवरण नहीं दिया है। नेता प्रतिपक्ष बी.एस.येड्डियूूरप्पा ने भी संपत्ति का विवरण पेश नहीं किया है।

लोकायुक्त अधिनियम के तहत हर साल 30, जून के अन्दर संपत्तियों का विवरण और दायित्व प्रमाणपत्र लोकायुक्त संस्था को देना अनिवार्य है। भाजपा के37, कांग्रेस के 28, जनता दल एस के 25, बसपा का एक विधायक और एक निर्दलीय विधायक समेेत कुल 92 विधायक और विधान परिषद के 33 सदस्यों ने भी संपत्ति का विवरण नहीं दिया है। साल 2016-17 में विधायक राजा वेंकटप्पा नायक, परिषद के सदस्य आर.बी.तिम्मापुर और के.टी.श्रीकंठ गौड़ा ने संपत्ति का विवरण नहीं दिया था।


विवरण नहीं देने वाले
विधायक ईश्वर बी.खन्ड्रे, रहीम खान, अरविन्द बेल्लद, डॉ.अंजलि हेमंत निम्बालकर, पी.टी.परमेश्वर नायक, एमपी रेणुकाचार्य, कुमार बंगारप्पा, डीसी गौरीशंंकर, बी. सत्यनारायण, एसटी सोमशेखर, अखंड श्रीनिवासमूर्ति, निसर्ग नारायण स्वामी, एम रूपकला, बी. शिवण्णा, हरीश पूंजा, डॉ.भरत शेट्टी,हर्षवर्धन, उमाकांत खोट्टान और बी.वेंकटरामणय्या शामिल हैं।

विधान परिषद सदस्यों में सी. एम. इब्राहीम, पी.आर.रमेश, तेजस्विनी गौड़ा, रिजवान अरशद, टी. , श्रीकंठेगौड़ा, के. पी.नंजुन्डी, रवि कुमार, बी. एम. फारुख, एस.रवि, प्रदीप शेट्टर, अल्लम वीरभद्रप्पा, आर. धर्मसेना, आर. बी. तिम्मापुर और आयनूर मंजुनाथ शामिल हैं।

क्या कार्रवाई होगी?
लोकायुक्त अधिनियम सेक्शन 22 (1)(2) बी के तहत विधायक और विधान परिषद के सदस्य हर साल संपत्ति का विवारण देना अनिवार्य है। विवरण नहीं देने पर लोकायुक्त विधायकों या विधन परिषद के सदस्यों को नोटिस जारी कर सकते हैं। राज्यपाल से शिकायत कर विधायकों के वेतन, भत्ते रोके जा सकते हैं। लोकायुक्त अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर कार्रवाई भी कर सकते हैं।

इन्होंने देरी से जमा किया विवरण
एच.डी.कुमारस्वामी, जगदीश शेट्टर, मंत्री जीटी देवेगौड़ा, एन.एस शिवशंकर रेड्डी, विधायक केएस ईश्वरप्पा, डा.यतींद्र सिद्धारामय्या समेत 35 विधायकों ने देरी से विवरण दिया है।