
भिखारियों ने दी धरना प्रदर्शन की चेतावनी
बेंगलूरु. बैगर्स कॉलोनी के बाशिंदों के पुनर्वास पर खर्च के लिए बीबीएमपी से करोड़ों रुपए का अंशदान नहीं मिलने के कारण पुनर्वास कार्यक्रमों पर असर पड़ रहा है। इस बात से नाराज भिखारियों ने बीबीएमपी मुख्यालय के सामने धरना देने कह चेतावनी दी है। समाज कल्याण विभाग ने 22 मई को बीबीएमपी आयुक्त को लिखे पत्र में केंद्र परिहार समिति को 130 करोड़ रुपए के भुगतान का अनुरोध किया था।
कर्नाटक भिखारी पुनर्वास अधिनियम 1975 के तहत हर साल बीबीएमपी संपत्ति कर से एकत्रित रकम का करीब तीन फीसदी हिस्सा भिखारियों के पुनर्वास पर खर्च करता है। प्रदेश में 14 भिखारी पुनर्वास केंद्र हैं। बेंगलूरु के पुनर्वास केंद्र में 700 भिखारी हैं। भीख मांगने वालों को पकड़कर कर पुनर्वास केंद्रों में रखा जाता है।
वहां उन्हें बागवानी, कशीदाकारी, सिलाई, बकेट तैयार करने, मोमबत्ती, अचार, इलेक्ट्रिक वाइंडिंग, मोबाइल रिपेयरिंग और कई तरह के अन्य प्रशिक्षण दिए जाते हैं। साथ ही हर माह चार से पांच हजार रुपए मासिक भत्ता भी दिया जाता है। केंद्र परिहार समिति के सचिव चंद्रनायक ने कहा कि अगर बीबीएमपी ने 130 करोड़ रुपए जारी नहीं किए तो भिखारियों के साथ धरना देंगे।
साल 2008 से ही भुगतान में विलंब हो रहा है। सभी पुनर्वास केंद्र नगर निगमों और पंचायतों के जरिए संग्र्रहित संपत्ति कर से मिलने वाले हिस्से पर निर्भर है। बीबीएमपी को सबसे अधिक कर मिलता है इसलिए उसी पर सबसे अधिक राशि बकाया है। उन्होंने कहा कि बार-बार चक्कर लगाने पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही, इसलिए अब धरना दिया जाएगा।
ऋण पर ब्याज माफ करने की मांग
प्रतिनिधिमंडल मिला केंद्रीय मंत्रियों से
चिकमगलूरु. राज्य के कॉफी उत्पादक किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल हाल ही केंद्रीय मंत्रियों से मिला तथा विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपा। इनमें किसानों द्वारा लिए गए ऋण का ब्याज माफ करने की प्रमुख मांग भी शामिल है। प्रतिनिधिमंडल में कॉफी बोर्ड के अध्यक्ष एमएस भोजे गौड़ा, कर्नाटक खेत मालिक संघ के अध्यक्ष एचटी प्रमोद, कर्नाटक उत्पादक संघ के अध्यक्ष बीएस जयराम, काली मिर्च उत्पादक संगठन के समन्वयक के.के. विश्वनाथ आदि शामिल थे।
शुक्रवार को जारी विज्ञप्ति में मंत्रियों को अलग-अलग ज्ञापन सौंपे गए। ज्ञापन में कॉफी उत्पादक किसानों की समस्याओं का समाधन करने की मांग की गई। मंत्रियों से अनुरोध किया गया कि कृषि ऋण पर अग्रिम उगाही बंद करने तथा ब्याज माफ करने के लिए बैंकों को कहा जाए तथा और छह प्रतिशत की दर से ब्याज लेने का निर्देश दिया जाए। काली मिर्च के दाम में गिरावट के मद्देनजर इसका अवैध व्यापार रोकने की मांग की गई। साथ ही, एमएस स्वामीनाथन आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप इसका न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने का अनुरोध किया गया।
केंद्र सरकार से अनुरोध किया गया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा पर चौकसी बढ़ाई जाए तथा अन्य देशों के साथ द्विपक्षीय समझौतों की समीक्षा की जाए। प्रतिनिधिमंडल ने केन्द्रीय वाणिज्य मंत्री सुरेश प्रभु, कृषि मंत्री राधामोहन सिंह, वित्त मामलों की स्थायी संसदीय समिति के अध्यक्ष एम वीरप्पा मोइली, सांख्यिकी मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा, रेल व वित्त मंत्री पीयूष गोयल, पर्यावरण व वन मंत्री हर्षवर्धन तथा उर्वरक व रसायन मंत्री अनंत कुमार से मुलाकात की।
Published on:
28 Jul 2018 08:20 pm
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