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अभिनेता राजकुमार अपहरण मामले में फैसला 25 को

18 साल पहले चंदन तस्कर वीरप्पन ने किया था संडलवुड सितारे का अपहरण, 108 दिन बाद हुई थी रिहाई

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Dr rajkumar kannada

अभिनेता राजकुमार अपहरण मामले में फैसला 25 को

बेंगलूरु. कन्नड़ फिल्म जगत के कालजयी अभिनेता डॉ राजकुमार के अपहरण के मामले में तमिलनाडु के ईरोड़ जिले की अदालत 25 सितम्बर को फैसला सुनाएगी। 18 साल पहले संडलवलुड सितारे डॉ राजकुमार का अपहरण चंदन तस्कर वीरप्पन ने कर लिया था। उस वक्त यह घटना काफी सुर्खियों में रही थी। इस मामले के आठ आरोपियों में से तीन- वीरप्पन, एस गोविंदन और रंगस्वामी की मौत हो चुकी है।
सोमवार को ईरोड़ जिले के गोबीचेट्टीपाल्यम के अतिरिक्त जिला जज के. मणि की अदालत में जेल में बंद बाकी पांच आरोपियों को पेश किया गया। सुनवाई के दौरान जज ने 25 सितम्बर को फैसला सुनाने की घोषणा की।
गौरतलब है कि वीरप्पन ने 30 जुलाई 2000 को ईरोड़ जिले के गाजनूर स्थित फार्म हाउस से राजकुमार का अपहरण किया था। कर्नाटक और तमिलनाडु पुलिस ने राजकुमार की रिहाई के लिए करीब तीन महीने तक घने जंगलों में संयुक्त अभियान चलाया था। एक तमिल पत्रिका के पत्रकार आर आर गोपाल की मध्यस्थता में वीरप्पन से छह दौर की बातचीत के बाद राजकुमार रिहा हुए थे। राजकुमार 108 दिनों तक वीरप्पन के कब्जे में रहे थे। राजकुमार के अपहरण के बाद बेंगलूरु में कई दिनों तक हिंसक प्रदर्शन हुए थे।
वीरप्पन 2004 में तमिलनाडु पुलिस के विशेष कार्यबल के साथ मुठभेड़ में मारा गया जबकि अप्रेल 2006 में राजकुमार का निधन हो गया। अभियोजन पक्ष ने राजकुमार के दामाद सहित करीब १०० गवाहों को पेश किया। हालांकि, अपहरण के समय राजकुमार के साथ फार्म हाउस में मौजूद रहीं उनकी पत्नी पार्वतम्मा का बयान दर्ज नहीं हो पाया। स्वास्थ्य सही नहीं होने के कारण वर्ष 2017 में निधन से पहले वे अदालत में उपस्थित नहीं हो पाईं। आरोपियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम और भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत आरोप तय किए गए हैं। कहा जाता है कि कुछ मागों को माने जाने के बाद ही वीरप्पन ने राजकुमार के साथ अपहृत तीन लोगों को रिहा किया था।