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237 फीसदी ज्यादा बारिश, 2-3 करोड़ के नुकसान का अनुमान

यह मानसून के 46 फीसदी बारिश के समान

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237 फीसदी ज्यादा बारिश, 2-3 करोड़ के नुकसान का अनुमान

बेंगलूरु. कोडुगू जिले में पिछले एक सप्ताह के दौरान औसत से कई गुणा ज्यादा बारिश होने के कारण काफी तबाही हुई है। मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने सोमवार को कहा कि प्रारंभिक अनुमान के मुताबिक नुकसान का आंकड़ा दो से तीन हजार करोड़ रुपए का है। कुमारस्वामी ने राज्य प्राकृतिक आपदा निगरानी केंद्र के आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि कोडुगू जिले में काफी लंबे समय के बाद भारी बारिश हुई है।

13 अगस्त के बाद से हुई भारी के कारण 123 किमी लंबी सड़क क्षतिग्रस्त हुई है। कई जगहों पर सड़कों पर बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। पिछले एक सप्ताह के दौरान कोडुगू जिले में 237 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। यह मानसून के 46 फीसदी बारिश के समान है। जिले में इस अवधि के दौरान औसतन 535 मिमी बारिश दर्ज की गई जबकि सामान्यत: यह 159 मिमी होती है।

कुमारस्वामी ने कहा कि राज्य में बाढ़ से हुए नुकसान की भरपाई और ढांचागत पुनर्निर्माण के लिए 2 से 3 हजार करोड़ रुपए के मदद की आवश्यकता होगी। केंद्र से मदद मांगे जाने के बारे में पूछे जाने पर कुमारस्वामी ने कहा कि राज्य सरकार फौरी सहायता मांगने के बजाय पूरे नुकसान का आकलन करने के बाद ही केंद्र से मदद मांगेगी। यही बात उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी फोन पर बातचीत में कही थी। कॉफी और सुपारी उत्पादकों को काफी नुुकसान हुआ है, जिसका आकलन किया जा जा रहा है।


प्र्राकृतिक आपदाओं से अब तो सबक लें: न्या. माहेश्वरी
बेंगलूरु. प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन जैसी गलतियों की की मत आज हम चुका रहे हैं। ऐसी गलतियों के कारण ही हम प्राकृतिक आपदाओं को आमंत्रित कर रहें है। कोडग़ु जिले में हो रही तबाही इसकी एक मिसाल है। कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश दिनेश माहेश्वरी ने यह टिप्पणी की।

सोमवार को उत्तर कन्नड़ जिले के कार्कल तहसील के कणजारु गांव में पत्थर खदान की अनुमति को लेकर उच्च न्यायालय में दायर याचिका की सुनवाई के दौरान याचिका दायरकर्ता के अधिवक्ता के चंद्रनाथ ने तर्क दिया की पत्थर खदानों के कारण कार्कला तहसील के कई गांवों का पेयजल प्रदूषित हो गया है। अधिवक्ता की यह दलील सुनने के बाद मुख्य न्यायाधीश ने यह मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा कि प्राकृतिक आपदाएं एक दो दिन में सहजता से नहीं आती है। यह आपदाएं प्राकृतिक संसाधनों का अनियंत्रित दोहन का परिणाम है। जब तक हम प्रकृति के साथ असीमित छेड़छाड़ करते रहेंगे तब हमें ऐसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करना अनिवार्य है। कोडुगू जिले में हो रहे भूस्खलन के लिए वनसंपदा की अनियंत्रित लूट ही प्रमुख कारण है।

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