25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

राष्ट्रीय बागवान मेले में लगेंगी 250 स्टॉल

राष्ट्रीय बागवानी मेला 27 फरवरी से 1 मार्च तक हेसरघट्टा, बेंगलूरु स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और भारतीय उद्यानिकी अनुसंधान संस्थान् के परिसर में आयोजित किया जाएगा। तीन दिन तक चलने वाले राष्ट्रीय बागवानी मेले का विषय विकसित भारत के लिए बागवानी "पोषण, सशक्तिकरण और आजीविका", रखा गया है।

2 min read
Google source verification

देश भर के किसान संस्थान लेंगे भाग
आईएसीआर व आईआईएचआर कर रहा आयोजन


बेंगलूरु. राष्ट्रीय बागवानी मेला 27 फरवरी से 1 मार्च तक हेसरघट्टा, बेंगलूरु स्थित भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और भारतीय उद्यानिकी अनुसंधान संस्थान् के परिसर में आयोजित किया जाएगा। तीन दिन तक चलने वाले राष्ट्रीय बागवानी मेले का विषय विकसित भारत के लिए बागवानी "पोषण, सशक्तिकरण और आजीविका", रखा गया है।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, भारतीय बागवानी अनुसंधान परिषद के निदेशक एवं आयोजन सचिव तुषार कांति बेहेरा ने सोमवार को पत्रकारों को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मेले में लगभग 250 संस्थान बागवानी प्रौद्योगिकियों की विभिन्न श्रेणियों के अंतर्गत अपने नवाचारों को स्टालों में प्रदर्शित करेंगे। संस्थान बागवानी फसलों में विविधता सुधार, फसल उत्पादन, फसल सुरक्षा, कटाई के बाद प्रबंधन, मूल्य संवर्धन, मशीनरी और उपकरणों में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद, भारतीय बागवानी अनुसंधान परिषद की ओर से विकसित 250 से अधिक किस्मों और प्रौद्योगिकियों को भी प्रदर्शित कर रहा है।
उन्होंने बताया कि पोषण, सशक्तिकरण और आजीविका, पोषण से भरपूर फसलों और किस्मों के माध्यम से पोषण में सुधार करने के लिए किस्मों और प्रौद्योगिकियों को प्रदर्शित करने और बढ़ावा देने पर केंद्रित है, जरूरतमंद किसानों को बागवानी फसलों के विभिन्न पहलुओं पर आवश्यकता आधारित जानकारी/प्रौद्योगिकियों और कार्यक्रमों के साथ सशक्त बनाना है। यह आयोजन सामाजिक-आर्थिक रूप से वंचित समूहों के लिए उपयुक्त प्रौद्योगिकियों और बागवानी फसलों में उत्पादकता, आय और आजीविका में सुधार करने पर केंद्रित है, जो सामाजिक रूप से संगत और स्वीकार्य आर्थिक रूप से कुशल और पर्यावरण की दृष्टि से सुरक्षित हैं। मेले में लगभग 250 संस्थान बागवानी प्रौद्योगिकियों की विभिन्न श्रेणियों के तहत अपने नवाचारों को प्रदर्शित करेंगे।
मेले के दौरान आईसीएआर-आईआईएचआर द्वारा विकसित किस्मों और प्रौद्योगिकियों का लाइव प्रदर्शन, शहरी बागवानी के लिए खड़ी खेती और छत पर खेती, विभिन्न बागवानी फसलों की संरक्षित खेती पर सीओई, बागवानी और अन्य संबंधित उद्यमों में नवीन प्रौद्योगिकियों पर 250 से अधिक स्टॉल, मशरूम उत्पादन, खड़ी खेती, छत पर बागवानी सहित संरक्षित खेती पर कौशल उन्मुख कार्यशालाएं, विभिन्न बागवानी फसलों में क्षेत्र आधारित समस्याओं पर परामर्श और सलाह सहित बीज, रोपण सामग्री, नई किस्मों और संकर, प्रक्रिया उत्पादों, उपकरणों और मशीनरी आदि की बिक्री आदि की जानकारी भी दी जाएगी। पत्रकार सम्मेलन में आयोजन सचिव डॉ. शंकर हेब्बार, मीडिया एवं पब्लिसिटी समिति के चेयरमैन डॉ. पी.नंदीश भी उपस्थित थे।
मीडिया एवं पब्लिसिटी समिति के चेयरमैन डॉ. पी.नंदीश ने कहा कि आहार कैल्शियम की कमी एक व्यापक वैश्विक चिंता का विषय है, अनुमान है कि दुनिया की आधी आबादी तक इस आवश्यक पोषक तत्व की पर्याप्त पहुंच नहीं है। कैल्शियम मानव स्वास्थ्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है, विशेष रूप से मजबूत हड्डियों को बनाए रखने में, लेकिन अपर्याप्त सेवन गर्भावस्था की जटिलताओं, कैंसर और हृदय रोग सहित विभिन्न स्वास्थ्य समस्याओं से भी जुड़ा हुआ है। इसके महत्व को पहचानते हुए, भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (आईसीएआर) ने एल्म ऑयस्टर मशरूम (एलिमास्टर मशरूम) को कैल्शियम से समृद्ध करने की तकनीक विकसित की है। इस प्रक्रिया में उच्च दबाव में वैक्यूम संसेचन शामिल है, जिसके परिणामस्वरूप नियमित मशरूम की तुलना में कैल्शियम सांद्रता में 202.27 प्रतिशत की वृद्धि होती है।