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धर्मी बनो या नहीं, लेकिन सदाचारी जरूर बनो

इसके पश्चात आंगी के लाभार्थी कस्तूरी देवी चौहान परिवार के साथ सकल संघ मुनि सुव्रत स्वामी जिनालय पहुंचे

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धर्मी बनो या नहीं, लेकिन सदाचारी जरूर बनो

मैसूरु. कर्नाटक में आचार्य रत्नाकर सूरी विहार कर सिद्धार्थ नगर स्थित महावीर जैन विद्यालय पहुंचे। नवकार मंत्र के बाद प्रवचन में आचार्य ने कहा कि ज्ञान के साथ संस्कार का सृजन करें। धर्मी बनों या नहीं, लेकिन सदाचारी जरूर बनों। इसके पश्चात आंगी के लाभार्थी कस्तूरी देवी चौहान परिवार के साथ सकल संघ मुनि सुव्रत स्वामी जिनालय पहुंचे।

सुमतिनाथ जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ के अध्यक्ष अशोक कुमार दातेवाडिय़ा, मंगलचंद पोरवाल, कांतिलाल जैन, भेरुलाल राठौड़, मांगीलाल गौवाणी, बाबूलाल मुणोत, हंसराज पगारिया, देवीचंद सालेचा, चम्पालाल भिरलेसा, हीराचंद कांगटानी, अशोक सालेचा, पारसमल जैन, स्कूल ट्रस्टी महावीर गादिया, रमेश श्रीश्रीमाल, हितेश शाह, माणक सालेचा, सुविधिनाथ संघ के अमीचंद जैन, धनेशकुमार, नरेंद्र मलाणी, अरविंद भण्डारी, राजस्थान संघ के अध्यक्ष शांतिलाल हरण, कोषाध्यक्ष कैलाश भंडारी, मैसूरु पिंजरापोल सोसायटी के अध्यक्ष उम्मेदराज सिंघवी, सचिव महावीरचंद सांखला आदि मौजूद रहे।

जीवन कागज की नौका, सुधरने का मौका
केजीएफ. वर्धमान श्वेताम्बर स्थानकवासी जैन श्रावक संघ केजीएफ के तत्वावधान में साध्वी संयमलता, अमितप्रज्ञा, साध्वी कमलप्रज्ञा, साध्वी सौरभप्रज्ञा के सान्निध्य में धर्मसभा हुई। साध्वी संयमलता ने कहा कि मनुष्य का जीवन एक कहानी के सदृश है, जो कितनी बड़ी है इसका मूल्य नहीं है, बल्कि कितनी अच्छी है वह महत्त्वपूर्ण है। गौरवपूर्ण जीवन का एक व्यस्त घंटा कीर्ति रहित युगों से कहीं अधिक बेहतर है। यह जीवन कागज की नौका है, पवन का झोका है और सुधरने का मौका है।

जीवन पत्थर की तरह है इससे मूर्ति भी बनाई जा सकती है और माथा भी फोड़ा जा सकता है। साध्वी कमलप्रज्ञा ने कहा कि जो दूसरों को खिलाता है वह कभी भूखा नहीं रहता, जो दूसरों को सताता है वह कभी सुखी नहीं रहता। संकल्प किसी का अधूरा नहीं रहता है और सपना किसी का पूरा नहीं होता है।

राजाजीनगर संघ के दल, महिला मंडल, युवा मंडल, अध्यक्ष दानमल मेहता, मंत्री ज्ञान लोढ़ा, महावीर धोका, सायरबाई लोढ़ा, सरला दुग्गड़, रेखा पोखरना आदि ने साध्वीवृंद का आशीर्वाद ले चातुर्मास की तैयारियों पर चर्चा की। साध्वी ने सभी का मार्गदर्शन व चातुर्मास को जप तप त्याग एवं आध्यात्मिक बनाने का दिशा निर्देश दिया।

ताराचंद मुथा ने आभार ज्ञापित किया। साध्वीवृंद का नगर प्रवेश 1 जुलाई को अलसूर जैन स्थानक एवं चातुर्मासिक मंगल प्रवेश 21 जुलाई को राजाजीनगर जैन स्थानक में होना तय हुआ है।

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