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दिल के गंभीर दौरे के 877 ग्रामीण मरीजों को मिली नई जिंदगी

स्टेमी-हृदयाघात और प्रबंधन कार्यक्रम का विस्तार जल्द

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दिल के गंभीर दौरे के 877 ग्रामीण मरीजों को मिली नई जिंदगी

दिल के गंभीर दौरे के 877 ग्रामीण मरीजों को मिली नई जिंदगी

एसटी-एलिवेशन मायोकार्डियल इंफार्क्शन (ST-elevation myocardial infarction) बहुत ही गंभीर प्रकार का दिल का दौरा (Heart Attack) है और स्वास्थ्य विभाग के एक अनुमान के अनुसार Karnataka में हर वर्ष STEMI के कारण 96 हजार से ज्यादा मौतें अचानक होती हैं। लक्षण सामने आने के 90 मिनट (golden hour) के भीतर इलाज किया जाना चाहिए। इसके बाद हर 30 मिनट की देरी से हृदय की मांसपेशियों की 50 फीसदी हानि होती है, जिसके परिणामस्वरूप मृत्यु की संभावना बढ़ जाती है।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री दिनेश गुंडूराव ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष मार्च में स्टेमी-हृदयाघात और प्रबंधन कार्यक्रम की शुरुआत की थी। कार्यक्रम के पहले चरण में ग्रामीण अस्पतालों में 877 मरीजों को बचाने में मदद मिली। छाती में दर्द की शिकायत के साथ कुल 56,484 मरीज अस्पताल पहुंचे थे।

हब और स्पोक मॉडल

मंत्री ने बताया कि पहले चरण में 15 जिलों के 24 तालुक अस्पताल, 10 जिला अस्पताल, 10 जनरल अस्पताल और एक उप जिला अस्पताल को हब और स्पोक मॉडल के तहत जयदेव इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोवैस्क्युलर साइंसेस एंड रिसर्च (जेआइसीएसआर) की तीनों शाखाओं से जोड़ा गया है। दूसरे चरण में शेष 16 जिलों के विभिन्न अस्पतालों को भी इस कार्यक्रम से जोड़ा जाएगा। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग जल्द ही इंजेक्शन टेनेक्टेप्लेस (इंजेक्शन स्ट्रेप्टोकिनेज के बजाय थ्रोम्बोलाइटिक एजेंट के रूप में उपयोग किया जाता है) की खरीद करेगा, जो तेजी से काम करता है और न्यूनतम दुष्प्रभावों के साथ प्रभावी और सुरक्षित है। प्रत्येक शीशी की कीमत लगभग 25,000 रुपए है। स्टेमी-हृदयाघात और प्रबंधन कार्यक्रम के तहत चिन्हित हब अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के लिए इंजेक्शन नि:शुल्क होगा।