
हिंदू संगठनों के कार्यकत्र्ताओं ने मचाया उत्पात
धारवाड़. शहर के कर्नाटक विश्वविद्यालय के सुवर्ण महोत्सव सभा भवन में चल रहे साहित्य संभ्रम के दौरान मंच पर जबरन चढ़ गए हिंदू संगठनों के कार्यकत्र्ताओं ने कुर्सियां, माइक आदि फेंक कर उत्पात मचाया। रविवार रात को चल रही विचार गोष्ठी में साहित्यकार डॉ. शिव विश्वनाथन ने सैनिकों पर अभद्र टिप्पणी कर सैनिकों को अपमानित किया है का आरोप लगाते हुए फर्नीचर ध्वस्त कर दिया। आक्रोशित ंिहंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं ने कुर्सियां, माइक आदि उठाकर फेंकने से साहित्य संभ्रम के समापन समारोह में भय का माहौल पसर गया। पुलिस ने चार कार्यकत्र्ताओं को गिरफ्तार कर लिया।
नि:स्वार्थ सेवा होनी चाहिए जीवन का लक्ष्य
गदग. श्री राजस्थान जैन श्वेताम्बर मूर्तिपूजक संघ के तत्वावधान में चल रहे श्री पाश्र्व पूनम रोटी बैंक के तहत महावीर गौशाला के मूक प्राणियों के लिए खाद्य सामग्री स्टेशन रोड पर स्थित पाश्र्वनाथ जैन मंदिर के प्रांगण में सोमवार को पूर्णिमा के दिन इकट्ठी की गई। इस अवसर पर श्री राजस्थान मूर्ति पूजक संघ के अध्यक्ष मनोजभाई बाफणा, कमेटी सदस्य रमेशभाई बिदामिया, गौतम कवाड़, विमल संघवी, विज्जुभाई बीदामिया आदि अनेक सदस्य उपस्थित थे। रणजीत गुरुजी ने कहा कि मनुष्य को नि:स्वार्थ सेवा को अपने जीवन के उद्देश्य के रूप में देखना चाहिए। नि:स्वार्थ सेवा ही जीवन का लक्ष्य होनी चाहिए।
गरीब और बेसहारा लोगों का बनें सहारा
विजयपुर. अधिवक्ता बशीर लाहोरी ने कहा है कि गरीब तथा बेसहारा लोगों की मदद करना हम सबका कर्तव्य है। वे विजयपुर में जमात ए इस्लामी हिंद कार्यालय में लोगों से कपड़ा संग्रह बैंक के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जमात ए इस्लामी हिंद संगठन ने गत ७० सालों से बेसहारा लोगों का सहारा बन कर उनकी मदद कर रहा है। वरिष्ठ नागरिक मंच के अध्यक्ष भरतेश कलगोंड ने कहा कि मनुष्य सब कुछ छोड़ जाता है, परंतु उसके साथ उसके द्वारा किए गए कर्म ही साथ जाते हैं।
अल अमीन कालेज के निदेशक बीएस पाटील ने कहा कि किसी भी कार्य को करने के लिए प्रेरणा शक्ति की आवश्यकता होती है। इसके चलते अच्छा कार्य करने वालों को प्रोत्साहन देना चाहिए। वरिष्ठ अधिवक्ता वीएस खाडे ने कहा कि जमात ए इस्लामी हिंद का कार्य अत्यंत सराहनीय है। इस प्रकार के कार्य निरंतर होना चाहिए। समारोह की अध्यक्षता कर रहे युसुफ काजी ने कहा कि शहर के आसपास करीब ९० से अधिक झुग्गी-झौंपडिय़ां हैं। यहां के निवासियों का जीवन खस्ताहाल है। इन लोगों की मदद करने के लिए सभी को आगे आना चाहिए।
इस कपड़ा संग्रह बैंक का मुख्य उद्देश्य लोगों की ओर से दिए गए नए व पुराने कपड़ों को गरीबों तथा बेसहारा लोगों को जाति तथा किसी प्रकार के भेदभाव के बिना वितरित करना है। समारोह में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लिया था। समदानी काजी ने कार्यक्रम का संचालन किया। नजीर अहमद काजी ने आभार व्यक्त किया।
Published on:
22 Jan 2019 11:50 pm
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