मंत्री ने बताया कि वर्ष 2004 से अब तक राज्य में 1,16,200 लोगों की मृत्यु समय पर उचित उपचार न मिलने के कारण हुई है। एचआइवी खाना साझा करने, सामान्य संपर्क, सर्दी-जुकाम जैसे माध्यमों से नहीं फैलता है। एचआइवी पॉजिटिव व्यक्तियों को समाज में सम्मानपूर्वक जीने का अधिकार है, और समय पर एंटीरेट्रोवायरल थेरेपी (एआरटी) शुरू करना अत्यंत आवश्यक है ताकि संक्रमण एड्स में परिवर्तित न हो।