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फ्रीडम पार्क में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने किया प्रदर्शन, बताई अपनी समस्याएं

- उन्होंने कहा कि कई बार विभाग के अधिकारियों को आवेदन देकर इन समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन समाधान के बजाय कार्यकर्ताओं को चेताया गया है कि सर्वे नहीं होने की स्थिति में उन्हें निलंबित कर दिया जाएगा

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कर्नाटक (Karnataka) आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायक महासंघ के बैनर तले सैकड़ों आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर मंगलवार को फ्रीडम पार्क में प्रदर्शन किया। वे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को नया मोबाइल देने, स्वास्थ्य विभाग के सर्वे कार्य पर दबाव बनाना बंद करने एवं मानदेय में वृद्धि करने जैसी मांगें कर रहे हैं।

महासंघ की सचिव एम. जयम्मा ने कहा कि एकीकृत बाल विकास योजना कार्यक्रमों के क्रियान्वयन के लिए पिछले चार साल से आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को जो मोबाइल दिए गए हैं, वे घटिया हैं और लगभग टूट चुके हैं। ऐसे मोबाइल पर डेटा कलेक्शन समेत अन्य कार्य करना मुश्किल होता है। इसके साथ ही आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं पर स्वास्थ्य सर्वेक्षण (जो कि स्वास्थ्य विभाग का एक कार्यक्रम है, एक अलग विभाग है) करने के लिए अपने मोबाइल फोन पर जानकारी अपलोड करने के लिए भी दबाव डाला जा रहा है।

उन्होंने कहा कि कई बार विभाग के अधिकारियों को आवेदन देकर इन समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन समाधान के बजाय कार्यकर्ताओं को चेताया गया है कि सर्वे नहीं होने की स्थिति में उन्हें निलंबित कर दिया जाएगा। मानदेय रोकने के साथ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
प्रमुख मांगें

● आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अन्य विभाग के कार्य में न लगाया जाए।

● खराब गुणवत्ता एवं क्षतिग्रस्त मोबाइल को तुरंत वापस लेकर नए मोबाइल या मिनी टैब दिए जाएं।

● आंगनबाडिय़ों के लिए अंडा खरीदने की जिम्मेवारी बाल विकास समिति को दी जाए। फिलहाल जो अंडे मिल रहे हैं, वे निम्न गुणवत्ता के हैं। बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

● अधिकांश जिलों में किराए के भवनों में चल रहे आंगनवाड़ी केंद्रों का छह महीने का किराया बकाया है। भुगतान जल्द हो।

● एक ही स्थान पर कार्यरत अधिकारियों, सेवारत पर्यवेक्षकों का स्थानांतरण किया जाए।

● सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित ग्रेच्युटी निर्णय को लागू किया जाए।

● आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं एवं सहायिकाओं के लिए क्रमश: 15,000 रुपए एवं 10,000 रुपए प्रतिमाह मानदेय बढ़ाया जाए।