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अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव आरंभ

नवग्रह आतृमंगल, दश विकपाल, पाहला पूजन, सिद्धचक्र, वीश स्थानक, नंदावत महापूजन आदि मंगल विधान हुए

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अंजनशलाका प्रतिष्ठा महोत्सव आरंभ

बेंंगलूरु. आचार्य चंद्रयश सूरीश्वर व प्रवर्तक प्रवर कलापूर्ण विजय की निश्रा में नेहरुनगर (माधवनगर) में पातिबाई भारतमल भगा वेदमुथा परिवार द्वारा निर्मित शांतिनाथ जिनालय का अंजनशलाका प्रतिष्ठा महामहोत्सव बुधवार को उल्लासमय वातावरण में शुरू हुआ। अंजनशलाका का विविध पूजा पूजन हुआ। नवग्रह आतृमंगल, दश विकपाल, पाहला पूजन, सिद्धचक्र, वीश स्थानक, नंदावत महापूजन आदि मंगल विधान हुए।

आचार्य ने कहा कि अंजनशलाका परमात्मा की पाषाण प्रतिमा में प्राण डालने की विधि है। प्रभु के पंच कल्याणक की जीवंत जोखी देखने का अनमोल अवसर अंजनशलाका है। विधि विधान सुरेंद्रभाई व संगीत अनिल मुकेश व पार्टी ने पेश किया। शाम को च्यवनकल्याणक का विधान हुआ। गुरुवार को पंचकल्याणक उत्सव शुरू होगा।

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कलियुग का कल्पवृक्ष भक्तामर स्तोत्र
बेंगलूरु. वर्धमान स्थानकवासी जैन श्रावक संघ केआरपुरम के तत्वावधान में धर्मसभा में साध्वी संयमलता ने कहा कि भक्तामर स्तोत्र कलियुग का कल्पवृक्ष है। उन्होंने कहा कि प्रभु आदिनाथ की स्तुति श्रद्धा सहित करने से भक्त अमर बन सकता है। साध्वी कमलप्रज्ञा और साध्वी सौरभप्रज्ञा ने मंत्र संगान किया। प्रारंभ में रिखबचंद मेहता ने सजोड़े मंगल कलश की स्थापना की।

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'निरोगी काया' सेमिनार संपन्न
बेंगलूरु. प्रयास ग्रुप की ओर से चामराजपेट स्थित पियास योग सेंटर में स्वास्थ्य संबंधी 'निरोगी कायाÓ विषयक सेमिनार आयोजित किया गया।
नवकार महामंत्र मंगलाचरण से शुरू हुए सेमिनार में डॉ महेंद्र, डॉ नीतू बालर की उपस्थिति में डॉ एमए मिर्जा ने स्वास्थ्य और खानपान से होने वाली बीमारियों को रोकने के उपाय बताते हुए निरागी काया के लिए खानपान एवं अंकुरित अनाज, पानी की मात्रा की जानकारी दी।

डॉ महेंद्र ने कहा कि रोजमर्रा के भोजन में अंकुरित अनाज के साथ ही सूखे मेवे, मूंगफली, खजूर भी जरुरी है। खान पान व्यवस्थित होने से जीवन में स्वस्थता, खुशी, उत्साह बना रहता है। जंकफूड हमें बीमारियों की तरफ थकेल रहा है। किरण नागोरी, आरती तलावत, सीमा जैन, पूनम, रेखा कुहाड़ व गिरिजा, मार्गदर्शक त्रिशला कोठारी ने मातृछाया के आगामी 15 जुलाई होने वाले जैन वाइस ऑफ बेंगलूरु कार्यक्रम की जानकारी दी। सेमीनार में 100 सदस्यों ने भाग लिया।