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मतभेद सुलझाने की कोशिश: गठबंधन समन्वय समिति की बैठक 1 को

सिद्धरामय्या के नेतृत्व वाली पांच सदस्यीय समिति की यह दूसरी बैठक होगी

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मतभेद सुलझाने की कोशिश: गठबंधन समन्वय समिति की बैठक 1 को

बेंगलूरु. नई सरकार के सत्ता में आने के बाद दुबारा बजट पेश करने के लेकर उपजे मतभेद को सुलझाने के लिए सत्तारुढ़ जद-एस और कांग्रेस गठबंधन की समन्वय समिति की बैठक रविवार को होगी। नए बजट पर पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या की आपत्ति जताने के बाद पिछले एक सप्ताह से दोनों दलों के बीच राजनीतिक बयानबाजी का दौर जारी है।

दोनों दलों के नेताओं के मुताबिक गठबंधन सरकार के पहले बजट पेश करने से पहले मतभेदों को दूर करने के लिए समिति की बैठक बुलाई गई है। सिद्धरामय्या के नेतृत्व वाली पांच सदस्यीय समिति की यह दूसरी बैठक होगी। समिति की पहली बैठक 14 मई को हुई थी।

वित्त विभाग का दायित्व संभाल रहे मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी 5 जुलाई को नया पूर्ण बजट पेश करना चाहते हैं जबकि फरवरी में पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान बजट कर चुके सिद्धरामय्या का कहना है कि अब कुमारस्वामी को पूरक बजट पेश करना चाहिए। इस मसले पर विवाद होने के बाद कुमारस्वामी ने पिछले सप्ताह दिल्ली दौरे के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की थी। राहुल ने प्रदेश कांग्रेस के नेताओं के एक समूह के बावजूद कुमारस्वामी के नए बजट पेश करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी।

पिछले 10 दिनों से धर्मस्थल के एक प्राकृतिक चिकित्सा केंद्र में स्वास्थ्य लाभ ले रहे सिद्धरामय्या के सोशल मीडिया में वायरल दो वीडियो के कारण इस मसले पर दोनों दलों के बीच तकरार बढऩे के साथ ही कांग्रेस नेताओं में भी भ्रम बढ़ गया है। कांग्रेस नेताओं दो खेमों में बंट गए हैं।

प्रदेश अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री डॉ जी परमेश्वर इस मसले पर कुमारस्वामी के साथ हैं जो पूर्व मुख्यमंत्री एम वीरप्पा मोइली सहित कई नेता सिद्धरामय्या के सुझाव का समर्थन कर रहे हैं। दोनों दलों के समन्वय समिति की यह महत्वपूर्ण बैठक रविवार को बेंगलूरु में ऐसे समय हो रही है जब चुनावी वादों को पूरा करने के तरीके को लेकर कांग्रेस और जद-एस में मतभेद खुलकर सामने आ चुके हैं।

बताया जाता है कि बजट पेश होने से पहले होने वाली इस बैठक में कृषि ऋण माफी के मसले पर भी अंतिम निर्णय लिए जाने की संभावना है। राहुल ने भी चुनाव प्रचार के दौरान केंद्र की सत्ता में आने पर कृषि ऋण माफ करने का संकेत दिया था जबकि जद-एस ने सत्ता में आने के 24 घंटे के अंदर ऋण माफी की बात कही थी। इसे लेकर भाजपा गठबंधन सरकार को घेर चुकी है।

कुमारस्वामी बजट में ऋण माफी की घोषणा की बात कह चुके हैं। समिति में सिद्धरामय्या के अलावा संयोजक के तौर पर जद-एस के राष्ट्रीय प्रवक्ता कुंवर दानिश अली, मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या और प्रदेश कांग्रेस प्रभारी के. सी. वेणुगोपाल भी शामिल हैं।

न्यूनतम साझा कार्यक्रम पर भी चर्चा
दोनों दलों के नेताओं का कहना है कि बैठक में न्यूनमत साझा कार्यक्रम का मसौदा भी पेश किया जाएगा। समिति की पिछली बैठक में इसका मसौदा तय करने के लिए एक उपसमिति गठित की गई थी। इस समिति में मोइली के साथ ही कुमारस्वामी के भाई एच डी रेवण्णा भी शामिल हैं।