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बीबीएमपी: ट्रेड लाइसेंस में भ्रष्टाचार, जांच की सिफारिश

बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) की आय मेंं वृद्धि करने के लिए कुछ अधिकारी दिन रात मेहनत कर रहे हैं और कुछ अधिकारी आय संग्रहण में लापरवाही से स्थिति खराब करते हैं।

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बीबीएमपी: ट्रेड लाइसेंस में भ्रष्टाचार, जांच की सिफारिश

बीबीएमपी: ट्रेड लाइसेंस में भ्रष्टाचार, जांच की सिफारिश

बेंगलूरु. बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) की आय मेंं वृद्धि करने के लिए कुछ अधिकारी दिन रात मेहनत कर रहे हैं और कुछ अधिकारी आय संग्रहण में लापरवाही से स्थिति खराब करते हैं। नया मामला बीबीएमपी में टे्रड लाइसेंस में गड़बड़ी का है। ऑडिट विभाग ने खामी पता की है कि इसमें लाखों रुपए का घपला हुआ है। इसकी जांच कराने की सिफारिश की गई है।

बीबीएमपी के आयुक्त एन. मंजुनाथ प्रसाद ने बताया कि ऑडिट विभाग ने जांच कराने की सिफारिश की है। किस संस्था से जांच करवाई जाए, इस बारे में उप मुख्यमंत्री डॉ. जी. परमेश्वर से चर्चा की जाएगी। बीबीएमपी के लिए संपत्ति कर आय का सबसे बड़ा स्रोत है। इसके बाद आप्टिकल फाइबर केबल (एफओसी) शुल्क और ट्रेड लाइसेंस से अधिकांश आय होती है। कई अधिकारी इन मुख्य स्रोतों से आय संग्रहण में पीछे हैं। कुछ अधिकारी मिलीभगत कर अपनी जेबें भर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि बीबीएमपी के अधिकार क्षेत्र में कोई भी कारोबार शुरू करना है तो ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य है। हर साल लाइसेंस का नवीनीकरण होता है। २०१७-१८ के दौरान २८ स्वास्थ्य अधिकारियों ने ४२,४०० ड्रेड लाइसेंस देते समय गफलत की है। प्रत्येक लाइसेंस के लिए तय शुल्क नकद, चेक या डीडी के रूप में प्राप्त करना होता है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने एक ही डीडी संख्या के माध्यम से कई लाइसेंस जारी कर दिए। इससे पालिका को २३.३९ लाख रुपयों का नुकसान हुआ है।


आयुक्त ने कहा कि कई अधिकारियों ने नकद राशि अपने पास रख कर एक ही संख्या वाली डीडी को लाइसेंस आवेदनों के साथ संलग्न कर दिया। इस तरह कुल २३,३९,७२० रुपयों का भ्रष्टाचार किया है। हर माह ऑडिट कराया जाता तो हिसाब में फर्क नहीं आ सकता था। पालिका के कुछ अधिकारियों ने जानबूझ कर हिसाब सहीं ढंग से नहीं परखा।