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80 लाख के मकान में भूख से तड़पकर बुजुर्ग दंपती की मौत

एक मकान में रहने वाले बुजुर्ग दंपती भूखे मर गए। पता भी तब चला जब उनमें से एक शव सडऩे लगा। यूं तो कोई उनसे मिलने जाता नहीं था, लेकिन बदबू बाहर आते ही पड़ोसियों की चेतना जागी।

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Abhishek Pareek

May 26, 2016

Death

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कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरू। आईटी हब बेंगलुरू। मंगलवार को इसी बड़े शहर की एक पॉश कॉलोनी सुल्तानपाल्या के एक मकान में रहने वाले बुजुर्ग दंपती भूखे मर गए। पता भी तब चला जब उनमें से एक शव सडऩे लगा। यूं तो कोई उनसे मिलने जाता नहीं था, लेकिन बदबू बाहर आते ही पड़ोसियों की चेतना जागी।

पुलिस बुलाई गई। अंदर दाखिल हुई तो 80 साल के वेंकोबा राव का शव घर की बैठक में मिला। और उनकी पत्नी कलादेवी बाई का शव बेडरूम में। व्यस्त शहरी जीवन कैसे बुजुर्गों के लिए जानलेवा हो सकता है। ये दो मौतें इसकी नजीर हैं।

पुलिस का कहना है कि कलादेवी की मौत तीन से चार दिन पहले हो चुकी थी, जबकि वेंकोबा की सांसें पुलिस के मकान में घुसने से कुछ घंटे पहले थमीं। शव के आसपास पानी की बोतलें, सूखे बर्तन और देवियों की तस्वीरें मिलीं। घर में ताजे खाने का कोई निशान नहीं नजर आया।

हालत यह थी कि पुलिस को उनकी पहचान के लिए कॉलोनी के बुजुर्गों को बुलाना पड़ा। बामुश्किल उनकी पहचान हुई। एक बुजुर्ग ने बताया कि वेंकोबा कर्नाटक सशस्त्र पुलिस में हेड कॉन्स्टेबल थे। जांच में पता चला कि उनके घर में चार वर्षों से उनके घर में बिजली-पानी का कनेक्शन भी नहीं था।

पड़ोस के बुजुर्गो की सूचना पर वेंकोबा के भाई नागरत्ना मौके पर पहुंचे, जो कुछ ही दूरी पर अपने परिवार के साथ रहते हैं। नागरत्ना आखिरी बार वेंकोबा परिवार से 15 साल पहले मिले थे। फिलहाल पुलिस ने दंपती के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

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