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भारत गौरव मानसखंड एक्सप्रेस 21 अगस्त को

भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम लिमिटेड, उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड के सहयोग से देवभूमि उत्तराखंड राज्य के प्रमुख तीर्थ एवं विरासत स्थलों का भ्रमण कराने के लिए भारत गौरव मानसखंड एक्सप्रेस चलाने का निर्णय किया है।

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देवभूमि उत्तराखंड के तीर्थ एवं विरासत स्थलों का भ्रमण

बेंगलूरु. भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम लिमिटेड, उत्तराखंड पर्यटन विकास बोर्ड के सहयोग से देवभूमि उत्तराखंड राज्य के प्रमुख तीर्थ एवं विरासत स्थलों का भ्रमण कराने के लिए भारत गौरव मानसखंड एक्सप्रेस चलाने का निर्णय किया है। यह ट्रेन 21 अगस्त को बेंगलूरु से रवाना होगी। 10 रात और 11 दिन के इस पैकेज ट्यूर में कर्नाटक के बेंगलूरु, दावणगेरे, हुब्बल्ली, बेलगावी, महाराष्ट्र के पुणे, गुजरात के सूरत, वडोदरा और राजस्थान के कोटा शहरवासियों को इसका लाभ मिलेगा। यात्रा के तहत काठगोदाम-भीमताल (2 रात), अल्मोड़ा (2 रात), कौसानी (2 रात) और रानीखेत के पर्यटन स्थलों, धर्म स्थलों और एंतिहासिक धरोहरों का भ्रमण करवाया जाएगा। आईआरसीटीसी के उपमहाप्रबंधक हर्षदीप ने ‘पत्रिका’ को बताया कि भारत गौरव मानसखंड एक्सप्रेस पूरी तरह वातानुकूलित होगी। इस ट्रेन का पूरा रेक तृतीय वातानुकूलित होगा। यात्रा की कुल अवधि 11 दिन होगी। प्रति व्यक्ति स्टैंंडर्ड प्लान का किराया 28020 रुपए तथा डीलक्स का किराया 35 हजार 340 रुपए निर्धारित किया गया है। ट्रेन में कुल 300 शायिकाएं हैं। देवभूमि उत्तराखंड भ्रमण के दौरान भीमताल, नैनीताल-नैना देवी मंदिर और नैनी झील, कैंची धाम-बाबा नीब करोरी मंदिर, कसार देवी और कटारमल सूर्य मंदिर, जागेश्वर धाम, गोलू देवता- चितई, अल्मोड़ा-नंदा देवी मंदिर, बैजनाथ, बागेश्वर, कौसानी, रानीखेत को शामिल किया गया है।

हर्षदीप ने बताया कि 21 अगस्त को सुबह 7 बजे बेंगलूरु रेलवे स्टेशन पर सभी पर्यटकों का स्वागत किया जाएगा। भारत गौरव मानसखंड एक्सप्रेस सुबह 8 बजे प्रस्थान करेगी। तीसरे दिन 23 अगस्त को ट्रेन काठगोदाम पहुंचेगी।