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बड़े शहरों में वायु प्रदूषण की रोकथाम के नए तरीके खोजने की जरूरत: परमेश्वर

परमेश्वर ने शहर से जुड़ी कचरा निपटान, यातायात प्रबंधन तथा प्रदूषण नियंत्रण जैसी समस्याओं पर विचार विमर्श किया

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g parmeshwara

बड़े शहरों में वायु प्रदूषण की रोकथाम के नए तरीके खोजने की जरूरत: परमेश्वर

परमेश्वर ने कहा कि पिछले 10 सालों में शहर की तेजी से विकास हुआ है और वायु प्रदूषण स्तर ने 60 यूनिट की निर्धारित सीमा को पार कर लिया है

बेंगलूरु. उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने कहा कि बेंगलूरु जैसे तेजी से विकसित हो रहे बड़े शहरों में वायु प्रदूूषण के स्तर को कम करना बड़ी चिंता का विषय है और इसके लिए नए तरीके खोजने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शहर में बिजली व सीएनजी से चलने वाले वाहनों को शुरू करने पर काम करेगी और जीवाश्म ईंधन से चलने वाले सार्वजनिक परिवहन के वाहनों को चरणबद्ध तरीके से सड़कों से हटाने के कदम उठाएगी।

परमेश्वर ने बुधवार को लंदन की उप महापौर शिर्ली रोड्रिग्स व लंदन के अन्य प्रतिनिधियों के साथ बैठक में भाग लेने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि पिछले 10 सालों में शहर की तेजी से विकास हुआ है और वायु प्रदूषण स्तर ने 60 यूनिट की निर्धारित सीमा को पार कर लिया है।

हालांकि शहर की वायु गुणवत्ता की स्तर मुंबई, नई दिल्ली व अन्य शहरों की तुलना में बेहतर है। वायु की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए हमें सबसे पहले हमें कम से कम पेट्रोल व डीजल से चलने वाले सार्वजनिक परिवहन के वाहनों का पंजीकरण बंद करना होगा और लंदन की तर्ज पर सीएनजी व बिजली से चलने वाले वाहनों को बढ़ावा देना होगा।

बैठक में परमेश्वर ने शहर से जुड़ी कचरा निपटान, यातायात प्रबंधन तथा प्रदूषण नियंत्रण जैसी समस्याओं पर विचार विमर्श किया। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से कचरा निस्तारण के बारे में योजना तैयार करने को कहा क्योंकि यह शहर के लिए एक बड़ी चुनौती जो है।

उन्होंने शहर की प्रदूषित झीलों की प्रभावी तरीके से सफाई सुनिश्चित करने के तौर तरीकों के बारे में भी बताने का अनुरोध किया। बैठक में महापौर संपतराज व बीबीएमपी के आयुक्त मंजुनाथ प्रसाद ने भी भाग लिया।