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कर्नाटक बिटकॉइन घोटाला : हिरासत में हैकर श्रीकी के पास इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स तक पहुंच की जांच

क्या श्रीकी (31) ने 82 दिनों की पुलिस हिरासत और उसके बाद न्यायिक हिरासत में रहते हुए पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों को रिश्वत देने के लिए अपने पास मौजूद क्रिप्टोकरेंसी को स्थानांतरित किया?

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बेंगलूरु. पुलिस अधिकारियों और राजनेताओं द्वारा कथित भ्रष्टाचार से जुड़े बिटकॉइन घोटाले की जांच कर रही पुलिस की एक विशेष टीम यह जांच कर रही है कि क्या साल 2020 में गिरफ्तार अंतरराष्ट्रीय हैकर श्रीकृष्ण रमेश उर्फ श्रीकी को जेल में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों तक पहुंच मिली।

एसआइटी जांच कर रही है कि क्या श्रीकी (31) ने लगभग 82 दिनों की पुलिस हिरासत और उसके बाद न्यायिक हिरासत में रहते हुए पुलिस अधिकारियों और अन्य लोगों को रिश्वत देने के लिए अपने पास मौजूद क्रिप्टोकरेंसी को स्थानांतरित किया, जैसा कि उसने दावा किया है। उसे बेंगलूरु क्राइम ब्रांच पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

बिटकॉइन घोटाला एक राजनीतिक विवाद के केंद्र में रहा है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि हैकर की गिरफ्तारी के समय सत्तारूढ़ भाजपा के शीर्ष नेताओं और पुलिस अधिकारियों को क्रिप्टोकरेंसी में रिश्वत मिली थी।

सूत्रों ने कहा कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में आने के बाद बनी एसआईटी उन उपकरणों की तलाश कर रही है, जिनके बारे में कहा जा रहा है कि हैकर ने हिरासत में उनका कथित तौर पर उपयोग किया।

एसआइटी ने पुलिस अधिकारियों को क्रिप्टोकरेंसी हस्तांतरित करने के हैकर के दावों के सत्यापन सहित जांच की सुविधा के लिए श्रीकी और उसके सहयोगियों को पहले दी गई जमानत को रद्द करने की भी मांग की है। एसआइटी की याचिका पर अदालत अभी किसी फैसले पर नहीं पहुंची है।