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भाजपा केंद्र में फिर दोहराएगी इतिहास: किरण माहेश्वरी

लोकसभा चुनाव के लिए नियुक्त भाजपा की प्रदेश सह प्रभारी किरण माहेश्वरी से बातचीत

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kiran Maheshwari

भाजपा केंद्र में फिर दोहराएगी इतिहास: किरण माहेश्वरी

योगेश शर्मा
बेंगलूरु. राजस्थान की पूर्व मंत्री और कर्नाटक में लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा की सहप्रभारी किरण माहेश्वरी ने कहा कि दक्षिण में भाजपा का जनाधार बढ़ा है। गत विधानसभा चुनाव में भाजपा सबसे बड़े दल के रूप में उभरी है। उन्होंने दावा किया कि आगामी लोकसभा चुनाव में मतदाता गत पांच वर्ष में किए भाजपा के विकास कार्यों को वरीयता देंगे। उनकी पार्टी कर्नाटक में अच्छा प्रदर्शन करेगी और केन्द्र में भाजपा नीत गठबंधन की सरकार बनेगी। किरण माहेश्वरी कर्नाटक लोकसभा चुनाव की सह प्रभारी बनने के बाद पिछले दिनों पहली बार बेंगलूरु दौरे पर आई और यहां उन्होंने पार्टी के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं से चर्चा और चुनावी तैयारी को लेकर बैठकें ली हैं।
माहेश्वरी ने 'पत्रिका' से विशेष बातचीत में कहा कि भाजपा का दक्षिण में जनाधार बढऩा पार्टी के लिए शुभ संकेत है। दशक भर पहले भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष के तौर पर कर्नाटक दौरे के दौरान स्थिति यह थी कि महिला मंडल बन जाएं तो हम उसे अच्छा समझते थे। आज पार्टी के जमीनी स्तर पर शक्ति केंद्रों के प्रमुख महिला मोर्चा, बूथ लेवल तक कमेटियां हैं। प्रदेश में पार्टी कार्यकर्ता जुझारू हैं। किरण ने कहा कि भाजपा राजनीति ही नहीं, राष्ट्रनीति बनाने का काम कर रही है। मोदी के शासन में स्वच्छ भारत मिशन से सभी को लाभ हुआ। जीवन स्तर ऊंचा हुआ है। प्रधानमंत्री ने 2022 तक हर गरीब को पक्का घर देने और शुद्ध पेयजल मुहैया कराने का वादा किया है। 2019 के आम चुनाव परीक्षा की घड़ी हैं। 2014 में भाजपा ने जो नींव रखी थी, 2019 में उस पर इमारत बनाने का समय आ गया है। वर्ष 2019 में फिर एनडीए को बहुमत मिलेगा।
महागठबंधन बिना दूल्हे की बारात
किरण ने कहा कि महागठबंधन बिन दूल्हे की बारात है। इसमें ऐसी क्षेत्रीय पार्टियां हैं, जो कभी कांग्रेस के विरोध में थीं। क्षेत्रीय पार्टियों का गठन इसीलिए हुआ था कि उन्हें कांग्रेस नहीं चाहिए थी। आज वहीं पार्टियां कांग्रेस के साथ महागठबंधन बना रही हैं। दुर्भाग्य है कि जो व्यक्ति देश को भय और भ्रष्टाचार मुक्त वातावरण बनाकर आगे बढ़ाना चाह रहा है, उसी का विरोध हो रहा है। महागठबंधन में कौन प्रधानमंत्री होगा यह भी तय नहीं।
भ्रष्टाचार की परतें खुलने का डर
महागठबंधन जिस किसी तरह सत्ता हथियाने का उपक्रम है ताकि उनके द्वारा किए भ्रष्टाचार की परतें न खुलें। जो अपने राज्यों में विफल हुए वे महागठबंधन के जरिए देश में नेतृत्व करने का सपना देख रहे हैं। मोदी की किसी से कोई तुलना की ही नहीं जा सकती। माहेश्वरी ने कहा कि प्रियंका नया चेहरा नहीं हैं। प्रियंका के सक्रिय राजनीति में आने से भाजपा को कोई खतरा या नुकसान संभावना नहीं है।
इसी माह शुरू होंगे सम्मेलन
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह द्वारा दी गई कई योजनाओं को हर प्रदेश में लागू करना है। इसके तहत सरकार के लाभार्थियों से सम्पर्क, बुद्धिजीवियों से मिलना, शक्ति केन्द्रों पर सम्मेलन, युवा संसद, महिला सम्मेलन करने हैं। नए और युवा मतदाताओं को भाजपा के सिद्धांतों से अवगत कराना है। ये सभी कार्यक्रम कर्नाटक में इसी माह आयोजित किए जाएंगे।
मजबूरी में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन
किरण ने कहा कि कर्नाटक में कांग्रेस-जद(एस)गठबंधन मजबूरी में हुआ है। इससे न कांग्रेस का विधायक या कार्यकर्ता खुश है और न जद(एस) का। मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी चंद महीने में तीन-चार बार इस्तीफे की धमकी दे चुके हैं। जो खुद हारा हुआ हो वह लोगों को क्या अच्छा काम कर सकेगा। इस सरकार के अब तक के कार्यकाल में जनता के समक्ष कोई विजन नहीं आया। गठबंधन दल आपसी लड़ाई में ही उलझे हैं। जो खुद हताश हों वह दूसरों को क्या दे सकते हैं।