
बीएमटीसी के एसी बसों में आज से सफर महंगा
बेंगलूरु. डीजल के मूल्य में ताजा कटौती के बावजूद बेंगलूरु महानगर परिवहन निगम (बीएमटीसी) के वातानुकूलित (एसी) वज्र बसों में रविवार से सफर करना यात्रियों की जेब पर भारी पड़ेगा। निगम ने कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में वृद्धि के कारण किराए में 3.45 से 26 फीसदी तक वृद्धि करने की घोषणा की है। इससे एसी बसों में सफर औसतन 16.89 फीसदी महंगा हो जाएगा। हालांकि, वायु वज्र (हवाई अड्डा सेवा) और सामान्य बसों के किराए में कोई बदलाव नहीं किया गया है।
जनवरी में की थी कटौती
लोगों में सार्वजनिक परिवहन के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए निगम ने नए साल के उपलक्ष्य में एसी बसों के किराए में 5 से 37 फीसदी तक की कटौती की थी। कटौती के कारण एसी बसों में सफर औसत 29 फीसदी तक सस्ता हो गया था। निगम ने शुरुआती दौर मेें सिर्फ एक महीने तक किराए में कटौती की घोषणा की थी लेकिन बाद में इसका विस्तार जून तक हो गया था।
मई महीने में डीजल के भाव बढऩे के बाद ही निगम ने किराए में की गई कटौती वापस लेने की तैयारी शुरु कर दी थी। शनिवार को परिचालन नुकसान और वेतन-भत्तों का भार बढऩे का हवाला देते हुए निगम ने एसी बसों के किराए में कटौती वापस लेते हुए वृद्धि की घोषणा कर दी। निगम ने कहा कि 7 से 25 वें स्टेज तक इससे किराए पर असर पड़ेगा। औसतन निगम का एक स्टेज 2 किमी का होता है।
5 से 20 रुपए तक पड़ेगा फर्क
निगम के एक अधिकारी ने कहा कि परिचालन नुकसान घटाने की कोशिश के तहत किराए में आंशिक कटौती वापस लेनी पड़ी है। हालांकि, इससे यात्रियों पर ज्यादा भार नहीं पड़ेगा। उक्त अधिकारी ने कहा कि औसतन 70 फीसदी यात्री वज्र बसों के यात्री छह स्टेज तक सफर करते हैं। किराए में वृद्धि 7 से 25 वें स्टेज तक की गई है और इससे यात्रियों पर 5 से 20 रुपए तक का भार पड़ेगा।
यात्री बढ़े, आमदनी नहीं
उक्त अधिकारी ने कहा कि जनवरी के बाद से डीजल के भाव करीब 10 रुपए लीटर तक बढ़ चुके हैं और इससे परिचालन लागत पर काफी असर पड़ा। निगम को डीजल के भाव में वृद्धि के कारण प्रतिमाह 2 करोड़ रुपए का अतिरिक्त नुकसान हो रहा था। उक्त अधिकारी ने कहा कि कर्मचारियों के लगात और परिचालन खर्च में वृद्धि के कारण मौजूदा किराए में वज्र सेवाओं का परिचालन संभव नहीं था क्योंकि इससे निगम को नुकसान हो रहा था। उक्त अधिकारी ने कहा कि जनवरी में किराए में कटौती के बाद यात्रियों की संख्या 15 फीसदी बढ़ी लेकिन प्रति किलोमीटर आमदनी पर कोई असर नहीं पड़ा।
15 फीसदी वृद्धि का था प्रस्ताव
उक्त अधिकारी ने कहा कि निगम ने सरकार से किराए में 15 फीसदी वृद्धि करने की सिफारिश की थी ताकि घाटे को पूरा किया जा सके लेकिन सरकार ने किराए में अपेक्षाकृत कम वृद्धि की अनुमति दी। निगम को उम्मीद है कि घाटे की भरपाई के लिए अब सरकार उसे वित्तीय सहायता देगी। उक्त अधिकारी ने कहा कि हमारे पास घाटे को कम करने का दूसरा विकल्प है कि उन मार्गों पर कुछ समय के लिए परिचाल बंद कर दिया जाए, जहां घाटा उठाना पड़ रहा है लेकिन इससे उपनगरीय क्षेत्र के मुसाफिरों पर असर पड़ेगा।
* 747 एसी बसों का दैनिक परिचालन करता है निगम
* 60 लोग रोजाना वज्र बसों में करते हैं सफर
* 07 मुसाफिर वायु वज्र सेवा का करते हैं उपयोग
* 48 लाख यात्री औसतन रोजाना करते हैं निगम के सामान्य बसों में सफर
Published on:
30 Jun 2018 09:33 pm
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