
बैलेट पर हुआ चुनाव तो जीतेगी बीएसपी: मायावती
बेंगलूरु.
बहुजन समाजवादी पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने कहा कि कर्नाटक में कई दलों की सरकारें बनीं लेकिन, दलितों, आदिवासियों, पिछड़े वर्गों के विकास के लिए कुछ नहीं किया। कांग्रेस और भाजपा की सरकारें पूंजीपतियों की मदद से सत्ता में आई और अपनी अधिकांश नीतियां उन्हीं के लिए बना रहीं हैं।
यहां शुक्रवार को एक रैली में उन्होंने कहा कि कर्नाटक में अब इन पार्टियों को और आजमाने की जरूरत नहीं है। बसपा को सत्ता में लाना होगा। बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के कड़े संघर्ष और अथक प्रयासों से आरक्षण की सुविधा मिली है, लेकिन यहां की सरकारें उसे प्रभावहीन बनाने और खत्म करने की पूरी कोशिश में लगी हैं। आजादी के बाद लंबे समय तक सत्ता में रही कांग्रेस व अन्य पार्टियों की सरकारों ने आरक्षण का कोटा पूरा नहीं किया। पदोन्नति में आरक्षण को अदालत की आड़ में खत्म कर दिया गया।
मायावती ने कहा कि आरक्षण की व्यवस्था किए बगैर ही राज्य और केंद्र सरकारें निजी क्षेत्र को ज्यादातर काम दे रही हैं। इससे आरक्षण का लाभ नहीं मिल रहा है। पिछड़े वर्ग को मंडल कमीशन के तहत आरक्षण कांग्रेस और भाजपा की सरकारों में नहीं बल्कि, कड़े संघर्ष के बाद वीपी सिंह की सरकार में मिली। लेकिन, विरोधी पार्टियां यह अधिकार भी उन्हें नहीं दे रही हैं। कांग्रेस ने आरक्षण सीमा को 50 फीसदी से बढ़ाकर 75 फीसदी करने का वादा किया है लेकिन, जिस पार्टी ने अपने शासनकाल में मंडल कमीशन को लागू नहीं किया वो अब क्या कर देंगे। कांग्रेस ने देश की पहली सरकार में ही वादा खिलाफी की थी, जिसके चलते भीम राव अंबेडकर ने कानून मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस के इस वादे में कोई दम नहीं है।
मायावती ने ईवीएम पर भी सवाल उठाए कहा कि जब तक बैलट पेपर से चुनाव हो रहे थे तब तक बसपा की सरकार बनी। पार्टी चार बार सत्ता में आई। लेकिन, ईवीएम में धांधली की शुरुआत कांग्रेस ने की और बाद में भाजपा ने उस कमजोरी को पकड़ लिया। अगर आज भी बैलट पेपर से चुनाव होगा तो उनकी पार्टी चुनाव जीतेगी। कर्नाटक के चुनाव में धार्मिक मुद्दों को उछाला जा रहा है। उनकी पार्टी यह चुनाव अधिकांश सीटों पर लड़ रही है।
Published on:
05 May 2023 08:37 pm
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