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चित्र संते में उमड़े खरीदार तो कलाकारों की बांछें खिलीं, लाखों में बिक गई मामूली पेंटिंग?

एक अनुमान के मुताबिक कला मेले में इस बार लगभग 5 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ लेकिन इस तथ्‍य की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती। अनुमान है कि 4-5 लाख लोगों की आमद हुई।

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चित्रकला संते में बिकने के लिए रखी एक तस्‍वीर। दउूसरे चित्र में पेंटिंग के लिए मोलभाव करती महिला।

बेंगलूरु. कर्नाटक चित्रकला परिषद (केसीपी) के चित्र संते में रविवार को कई चित्र बहुत महंगे दामों पर बिके। पिछले 21 साल से लगातार हो रहे आयोजन में इस बार अनुमान है कि 4-5 लाख लोगों की आमद हुई। लाखों लोगों के एक ही जगह जमा होने और यातायात प्रतिबंधों के कारण कुमार कृपा रोड और इसके आसपास के इलाकों में यातायात जाम हो गया।

एक अनुमान के मुताबिक कला मेले में इस बार लगभग 5 करोड़ रुपए का कारोबार हुआ। इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती लेकिन जिस तरह से कुछ महंगी पेंटिंग बिकने की खबरें सामने आ रही हैं, तो कोई आश्चर्य नहीं कि इतना कारोबार हो गया। खरीदारों में युवाओं से लेकर वरिष्ष्ठ नागरिक तक शामिल थे। यहां तक कि कुछ पेंटिंग्स को खरीदने के लिए खरीदारों के बीच भी लगी और इसका फायदा अंत में कलाकारों को ही मिला।

इस वर्ष लगभग 250 विशेष रूप से सक्षम और वरिष्ठ कलाकारों ने अपनी कलाकृतियां प्रदर्शित कीं। हालांकि, विकलांग कलाकारों को उनकी कृतियों के लिए ज्यादा कीमत नहीं मिल सकी।

एक बुजुर्ग कलाकार की हम्पी पर बनाई गई पेंटिंग की कीमत 1 लाख रुपए थी। जानकारों के अनुसार मेले में उपलब्ध कलाकृतियों की कीमत 200 रुपए से लेकर 4 लाख रुपए के बीच थी। पायरोग्राफ्री से बनी एक अनूठी कलाकृति कथित तौर पर सबसे अधिक कीमत वाली पेंटिंग के रूप में 4 लाख रुपए में बिकी। यह भी हंपी पर केंद्रित पेंटिंग बताई गई है। एक अन्य पेंटिंग 3 लाख रुपए में बिकी।