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कैग की रिपोर्ट : गणवेश वितरण में अनियमितता, 11.33 करोड़ का नुकसान

गणवेश घोटाले की यह संख्या केवल धारवाड़, रामनगर, चिकमगलूरु, बागलकोट और बेंगलूरु ग्रामीण से ही देखने को मिली है
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कैग की रिपोर्ट : गणवेश वितरण में अनियमितता, 11.33 करोड़ का नुकसान

बेंगलूरु. राज्य के सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थियों के बीच गणवेश वितरण में अनियमितता का मामला सामने आया है। इसके कारण सरकार को 11 करोड़ रुपए से अधिक का नुकसान उठाना पड़ा है। नियंत्रक व महालेखा परीक्षक (सीएजी) की रिपोर्ट से यह खुलासा हुआ है। रिपोर्ट के मुताबिक सरकारी खजाने को 11.33 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है।

पूर्व सीएम सिद्धरामय्या की सरकार ने विद्या विकास योजना के तहत सरकारी स्कूल के बच्चों को गणवेश मुहैया कराए गए। हालांकि, 2015-16 व 2016-17 अकादमिक सत्रों के दौरान सरकारी स्कूलों में कुल पंजीकृत बच्चों की तुलना में कहीं अधिक बच्चों की संख्या दर्शाई गई सीएजी की रिपोर्ट के अनुसार इससे राजकीय कोष को 11 करोड़ 33 लाख रुपए का नुकसान हुआ।

गौरतलब है कि पिछली सरकार ने विद्या विकास योजना के तहत सभी सरकारी स्कूलों में पहली से लेकर 10वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के लिए गणवेश मुहैया कराने की योजना शुरू की थी, जिसके तहत एक बच्चे के गणवेश की कीमत 138 रुपए तक की आंकी गई थी। तय प्रक्रिया के अनुसार यूनिफाइड डिस्ट्रिक्ट इन्फॉर्मेशन सिस्टम के तहत पंजीकृत विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार ही स्कूलों में राशि आवंटित की जानी थीं, लेकिन इन संख्याओं में भारी गड़बड़ी देखने को मिली और फिर भी पैसा जारी कर दिया गया।

गौरतलब है कि गणवेश घोटाले की यह संख्या केवल धारवाड़, रामनगर, चिकमगलूरु, बागलकोट और बेंगलूरु ग्रामीण से ही देखने को मिली है। बाकी जिलों में पंजीयन और गणवेश आपूर्ति काकोई विवरण नहीं है। 2015-16 में 60,115 गणवेश और 2016-17 में 64625 गणवेश का वितरण हुआ, जिसकी कुल धनराशि 1.72 करोड़ रुपए हुई।

सीएजी रिपोर्ट के अनुसार इसमें कुल 11 करोड़ 33 लाख 96 हजार 808 रुपए की अनियमितता सामने आई है। 2015-16 के दौरान स्कूलों में पंजीकृत बच्चों और वितरित हुए यूनिफॉर्म में 5 लाख 27 हजार 182 बच्चों का अंतर आया, जिससे 7.2 करोड़ की अनियमितता सामने आई है। वहीं 2016 में यह असमानता 2 लाख 94 हजार 534 की रही, जिससे 4 करोड़ रुपए का घाटा हुआ।