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बरसाती नालों से अतिक्रमण हटाने का अभियान आज से

बीबीएमपी दो साल बाद फिर शुरू करेगा सबसे विवादित कार्रवाई का सिलसिला

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बरसाती नालों से अतिक्रमण हटाने का अभियान आज से

बेंगलूरु. दो वर्ष बाद एक बार फिर बृहद बेंगलूरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) शहर के बरसाती नालों (एसडब्ल्यूडी) को अतिक्रमण मुक्त करने का अभियान शुरू करने को तैयार है। बीबीएमपी अधिकारियों के अनुसार सोमवार से अतिक्रमण मुक्ति अभियान की शुरुआत होगी।

बीबीएमपी के क्षेत्राधिकार में 633 एसडब्लूडी हैं जिनकी लंबाई 842 किमी है। इनमें से 142 किमी प्राथमिक नाले हैं जबकि 426 किमी माध्यमिक नाले हैं। इन नालों की वास्तविक क्षमता 80 मिमी बारिश झेलने की है लेकिन अक्सर देखा जाता है कि 35 मिमी से 40 मिमी बारिश होने पर ही नालियां लबालब हो जाती हैं और कई बार सड़कों पर पानी बहने लगता है। इसका मूल कारण नालियों का अतिक्रमण है।

वर्ष-2016 में जब शहर में कई दिनों तक मूसलाधार बारिश हुई थी तब शहर के कई निचले इलाकों में बाढ जैसी स्थिति देखने को मिली थी और सैंकड़ों मकानों में पानी घुस गया था। वहीं सड़कों पर कई फीट तक पानी बह रहा था।

तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या के निर्देश पर युद्धस्तर पर अतिक्रमण मुक्ति अभियान चलाया गया और कई नालों को अतिक्रमण मुक्त किया गया। इस दौरान कई लोगों को अपनी संपत्ति भी गंवानी पड़ी और लोगों का कहना था कि बीबीएमपी ने बिना पूर्व सूचना के अचानक अतिक्रमण मुक्ति अभियान चलाया है।

जुलाई-2016 में बीबीएमपी ने कुल 1953 एसडब्ल्यूडी अतिक्रमण की सूची जारी की थी। वर्ष-2017 के समाप्ति तक 1260 अतिक्रमण को मुक्त करने का दावा किया गया। हालांकि, उसके बाद अतिक्रमण मुक्ति अभियान ठंडे बस्ते में चला गया।

हाल ही में बेंगलूर शहरी जिलाधिकारी विजय शंकर ने अतिक्रमण सर्वेक्षणकर्मियों से पूछा था कि बिना काम पूरा हुए संपत्तिधारकों ने अतिक्रमण सीमांकन को कैसे मिटा दिया? सर्वेक्षकों को कहा गया कि वे सभी अतिक्रमित संपत्तियों पर सीमांकन चिन्हित करें और जब तक उन्हें अतिक्रमण मुक्त नहीं किया जाता तब तक उनकी निगरानी करें।


यलहंका-महादेवपुर में चलेगा बुलडोजर
अतिक्रमण मुक्ति अभियान के इस चरण की शुरूआत सोमवार को महादेवपुरा और यलहंका जोन से होगी। कुल 728 मामलों में सर्वेक्षकों को 434 संपत्तियों को प्राथमिकता के आधार पर सर्वेक्षण करने कहा गया है। दोनों जोनों में सोमवार को 50-50 सपंत्तियों का सर्वेक्षण होगा और अतिक्रमण मुक्ति अभियान की शुरुआत होगी।

बीबीएमपी अधिकारियों के अनुसार सोमवार को ही अतिक्रमित संपत्तियों को ध्वस्त किया जाएगा। सूत्रों के अनुसार प्रत्येक सप्ताह 50 संपत्तियों को अतिक्रमण मुक्ति करने का लक्ष्य रखा गया है। पहले चरण के बाद दूसरे चरण की शुरुआत दीपावली के बाद होगी। बीबीएमपी का कहना है कि हम लोगों को पहले की कह चुके हैं कि अतिक्रमण एक अपराध है और हर प्रकार के अतिक्रकमणकारियों के खिलाफ एक समान अभियान चलेगा।