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राउडी लक्ष्मण की हत्या के मामले की जांच सीसीबी के हवाले

पुलिस आयुक्त टी. सुनील कुमार ने ज्ञानभारती के कुख्यात समाजकंटक लक्ष्मण की हत्या के मामले की जांच केंद्रीय अपराध जांच शाखा (सीसीबी) को सौंपी।

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राउडी लक्ष्मण की हत्या के मामले की जांच सीसीबी के हवाले

राउडी लक्ष्मण की हत्या के मामले की जांच सीसीबी के हवाले

बेंगलूरु. पुलिस आयुक्त टी. सुनील कुमार ने ज्ञानभारती के कुख्यात समाजकंटक लक्ष्मण की हत्या के मामले की जांच केंद्रीय अपराध जांच शाखा (सीसीबी) को सौंपी। शुक्रवार को सुनील कुमार ने बताया कि यह बहुत संगीन मामला है, इसकी गहन जांच की जरूरत है। अभी तक जितने समाजकंटकों की हत्याएं हुई हंै, इसकी जांच सीसीबी ने ही की है। समाजकंटकों का विवरण और उनकी गतिविधियों का रिकार्ड भी सीसीबी के पास है। सीसीबी के प्रमुख व अतिरिक्त पुुलिस आयुक्त आलोक कुमार ने सभी विवरण संग्रहित कर जांच शुरू कर दी।


सीसीबी अधिकारियों के अनुसार कई साल पहले मागड़ी रोड पर कुख्यात अपराधी बेक्किना कण्मु राजेन्द्र की नृशंस हत्या हुई थी, इसी तरह अब लक्ष्मण की भी हत्या की गई है। लक्ष्मण के कई जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक दलों के नेताओं से अच्छे संबंध थे।


राम-लक्ष्मण नाम की चार जोडिय़ां
पुलिस के अनुसार बेंगलूरु में अपराधियों के बीच राम-लक्ष्मण नाम की चार जोडिय़ां हंै। पहली जोड़ी केवल अवैध रूप से सरकारी भूमि पर कब्जा करती है। दूसरी के एक कन्नड़ संगठन से संपर्क हैं, जो कि केवल कन्नड़ राज्योत्सव और अन्य कार्यक्रमों के बहाने व्यापारियों और दुकानदारों से जबरन रुपए लेती है। तीसरी जोड़ी के गुर्गे केवल बसों में यात्रियों की जेब काटने का काम करते हैं। चौथी जोड़ी, जो सबसे खतरनाक थी, उसका लक्ष्मण ही अपराध जगत में सक्रिय था। राम सभी आपराधिक गतिविधियों को छोड़ कर अनाज की दुकान चलाता है। तीसरा भाई हनुमंता मंड्या में दूध का कारोबार करता है।

पुलिस की शक की सुई लक्ष्मण हत्याकांड में दो आरोपियों सीडी नरसिम्हा और ऑटो राम की तरफ घूम रही है। नरसिम्हा पत्नी पर जानलेवा हमला करने के आरोप में परप्पन अग्रहार केंद्रीय जेेल में बंद है। जबकि राम दस दिन पहले पेरोल पर रिहा हुआ था। राम दो साल पहले अपने खिलाफ बयान देने पर हत्या करने के आरोप में गिरफ्तार हुआ था।


पुलिस को संदेह है कि नरसिम्हा ने जेल में बैठकर अपने गुर्गों से हत्या कराई होगी। दूसरी तरफ ऑटो राम पर संदेेह कर रही है। ऑटो राम और लक्ष्मण हुलियार दुर्गा के रहने वाले थे। ऑटो राम हमेशा से ही कहा करता था कि हुलियार दुर्गा में एक ही शेर रहेगा। पुलिस ने लक्ष्ण को कोका अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया था। उसे एक सप्ताह में उच्च न्यायालय से स्थागन आदेश प्राप्त हुआ था।