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कर्नाटक के प्रति सौतेला व्यवहार अपना रहा केंद्र : खंड्रे

उन्होंने कहा कि हर वर्ष कर्नाटक केंद्रीय खजाने में करीब 4.5 लाख करोड़ रुपए का योगदान देता है। लेकिन, बदले में राज्य को सिर्फ 40,000 से 50,000 करोड़ रुपए मिलते हैं। यह रकम भी पर्याप्त नहीं है।

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वन, पारिस्थितिकी एवं पर्यावरण मंत्री ईश्वर बी. खंड्रे ने गुरुवार को आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कर्नाटक को धनराशि जारी करने में सौतेला रवैया अपना रही है।

दावणगेरे में पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री ने मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या के हाल के आरोप का समर्थन किया कि केंद्र राज्य को उसका उचित हिस्सा नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष कर्नाटक केंद्रीय खजाने में करीब 4.5 लाख करोड़ रुपए का योगदान देता है। लेकिन, बदले में राज्य को सिर्फ 40,000 से 50,000 करोड़ रुपए मिलते हैं। यह रकम भी पर्याप्त नहीं है। इसका आवंटन विकास योजनाओं के लिए उचित रूप से किया जाना चाहिए।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस अनुचित दृष्टिकोण के खिलाफ लड़ रही है और उनके जैसे मंत्री मीडिया और अन्य मंचों के माध्यम से इस मुद्दे को उठा रहे हैं।

इस बीच, एक अलग सवाल का जवाब देते हुए मंत्री ने पंचपीठों को एकजुट करने में वरिष्ठ कांग्रेस नेता शमनूर शिवशंकरप्पा के प्रयासों का स्वागत किया। शिवशंकरप्पा अखिल भारतीय वीरशैव-लिंगायत महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं। मंत्री ने कहा, यह असंख्य अनुयायियों, भक्तों और प्रशंसकों के लिए सुखद समाचार है। वे उन्हें बधाई देते हैं।