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चामुण्डेश्वरी के दर उमड़ा जन सैलाब

माता चामुण्डेश्वरी की जयंती वरदंती जन्मोत्सव के अवसर पर शुक्रवार को चामुण्डी पहाड़ी पर हजारों श्रद्धालु एकत्रित हुए।

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चामुण्डेश्वरी के दर उमड़ा जन सैलाब

चामुण्डेश्वरी के दर उमड़ा जन सैलाब

मैसूरु. माता चामुण्डेश्वरी की जयंती वरदंती जन्मोत्सव के अवसर पर शुक्रवार को चामुण्डी पहाड़ी पर हजारों श्रद्धालु एकत्रित हुए। श्रद्धालुओं ने माता का दर्शन करने के लिए मंदिर रास्ते में सीधी लाइन बनाकर खड़े हुए। तीसरे आषाढ़ शुक्रवार को वरदंती जन्मोत्सव के कारण पहाड़ी के ऊपर माता की विशेष पूजा करने के लिए श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा।

अनुष्ठान की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रुद्राभिषेक और पंचामृत अभिषेक से हुई। महामंगल आरती भी की गई। पूर्व मैसूरु राजघराने के यदुवीर कृष्णदत्ता चामराजा वाडियार, उनकी पत्नी त्रिशिका कुमारी वाडियार और पूर्व राजमाता प्रमोदा देवी वाडियार ने भी अनुष्ठानों में भाग लिया। पालकी को खींचा।

उत्सव के मद्देनजर देवी चामुण्डेश्वरी की प्रतिमा विराजित पालकी मैसूरु महल से लाई गई, जो विभिन्न प्रकार के फूलों और आभूषणों से सजाई गई थी। जैसे ही पालकी मंदिर के चारों तरफ घुमाई गई, श्रद्धालुओं ने जयकारे लगाए और खुशी से झूम उठे। प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी ललिता महल हेलीपैड मैदान से श्रद्धालुओं को पहाड़ी के ऊपर पहुंचाने और लाने के लिए केएसआरटीसी बसों की व्यवस्था की गई थी।


देवेगौड़ा भी पहुंचे
जनता दल-ध के सुप्रीमो और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवेगौड़ा, लोक निर्माण मंत्री एचडी रेवण्णा, भवानी रेवण्णा, वन मंत्री आर शंकर भी पहाड़ी पर पहुंचे और विशेष पूजा की।


तीसरे आषाढ़ शुक्रवार और वरदंती जन्मोत्सव के अवसर पर श्रद्धालुओं को प्रसाद और भोजन वितरित किए गए। अर्जुन अवधूत स्वामी और चामुण्डेश्वरी मंदिर के पुजारी दिनेश ने दसोहा की शुरुआत करवाई।

पहाड़ी पर निजी वाहनों की आवाजाही से अफरा-तफरी
जिला प्रशासन की ओर से निजी वाहनों के आवागमन पर प्रतिबंध के बावजूद शुक्रवार को चामुण्डेश्वरी वरदंती जन्मोत्सव के अवसर पर चामुण्डी पहाड़ी पर हजारों श्रद्धालुओं को अत्यधिक यातायात दबाव के कारण अव्यवस्था व अराजकता का सामना करना पड़ा।


मंत्रियों, विधायकों द्वारा उच्चाधिकारियों के साथ-साथ सैकड़ों निजी कार पहाड़ी पर ले जाने के कारण पारंपरिक अनुष्ठान करने आए श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।


कई बार अफरातफरी का माहौल बन गया। गौरतलब है कि जिला प्रशासन ने ललिता महल मैदान से पहाड़ी के ऊपर जाने के लिए केएसआरटीसी बसों की व्यवस्था की थी। निजी वाहन चालकों को अपने वाहन मैदान में ही पार्क करने थे।
बस से पहाड़ी पर पहुंचे एक श्रद्धालु ने कहा कि इतनी ज्यादा संख्या में अधिकारियों द्वारा निजी वाहनों को पास कैसे दिए गए, यह हैरानी की बात है।


दूसरे श्रद्धालु ने कहा कि पुलिस द्वारा सुरक्षा इंतजामात की कमी स्पष्ट देखी गई। पहाड़ी के ऊपर कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। श्रद्धालुओं ने मैसूरु के उपायुक्त के सामने सुरक्षा इंतजाम में कमी का मामला उठाया और अगले आषाढ़ शुक्रवार को पहाड़ी पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की।