
चंद्रयान-3 मिशन में अभी तक कोई विचलन नहीं, सबकुछ ठीक
बेंगलूरु.
चांद की कक्षा में चक्कर लगा रहा चंद्रयान-3 सही हालत में है और उसके सभी उपकरण उम्मीदों के अनुरूप काम कर रहे हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष एस.सोमनाथ ने कहा कि, मिशन का सबसे महत्वपूर्ण और चुनौतीपूर्ण कार्य चांद की कक्षा में चक्कर लगा रहे यान की सटीक स्थिति का आकलन करना है। अगर यह अपेक्षित ढंग से हो गया तो बाकी काम हो जाएंगे।
इसरो अध्यक्ष ने कहा कि, फिलहाल चंद्रयान-3 चांद की 170 किमी गुणा 4313 किमी वाली अंडाकार कक्षा में परिक्रमा कर रहा है। तीन और मैनुवर के बाद उसे 100 किमी गुणा 100 किमी वाली कक्षा में लाया जाएगा। उसके बाद उसे 100 किमी गुणा 30 किमी वाली कक्षा में पहुंचाया जाएगा। यह कार्य सहज ढंग से हो जाना चाहिए क्योंकि, चंद्रयान-2 मिशन में ऐसा करने में सफल रहे थे। इसलिए 100 किमी की कक्षा तक कोई कठिनाई नहीं नजर आती।
उन्होंने कहा कि, असली समस्या धरती से लैंडर की सटीक स्थिति का अनुमान लगाना है। लैंडर की वास्तविक स्थिति और दूरी मापने की यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है जिसे कक्षा निर्धारण कहते हैं। अगर यह प्रक्रिया सही ढंग से पूरी हुई तो बाकी प्रक्रियाएं भी पूरी होने की उम्मीद रहेगी।
सोमनाथ ने कहा कि, अभी तक के सभी मैनुवर योजना के मुताबिक हुए हैं। तनिक भी विचलन नहीं हुआ है। इसलिए उम्मीद है कि परिणाम अच्छे रहेंगे। हम उम्मीद कर रहे हैं कि, सबकुछ ठीक होगा। उन्होंने कहा कि चंद्रयान-2 मिशन आंशिक सफल रहा था लेकिन, उसका अनुभव बहुत उपयोगी साबित हो रहा है। चंद्रयान-2 से प्राप्त तस्वीरों के आधार पर चंद्रयान-3 के लिए लैंडिंग स्थल का चुनाव किया गया।
Published on:
07 Aug 2023 07:11 pm
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