
बेंगलूरु. मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने कहा कि अगर संविधान बदलने का इरादा रखने वालों को सत्ता से नहीं हटाया गया तो लोकतंत्र नहीं बचेगा। रविवार को यहां संविधान और राष्ट्रीय एकता पर दो दिवसीय सम्मेलन के समापन समारोह में उन्होंने यह बात कही। यह कार्यक्रम भारतीय संविधान को अपनाने के 75 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में समाज कल्याण विभाग द्वारा आयोजित किया गया था।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मंत्रिमंडल में रहते हुए अनंतकुमार हेगड़े ने कहा था कि वे संविधान को बदलने के लिए सत्ता में आए हैं। नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, भाजपा या आरएसएस सहित किसी ने भी बयान की निंदा नहीं की। भाजपा और आरएसएस ने हेगड़े से अपने एजेंडे के बारे में बात कराई थी। इस देश के लोगों को इसके बारे में जागरूक होना चाहिए। भाजपा ने शुरू से ही संविधान का न केवल विरोध किया है बल्कि इसका सम्मान भी नहीं किया है।
उन्होंने कहा कि संविधान में बदलाव देश में श्रमिक वर्ग, किसानों, महिलाओं और अधिकारों के लिए काम करने वालों को गुलामी की ओर धकेल देगा क्योंकि उनकी पहचान अब संविधान से जुड़ी हुई है। याद रखें कि संविधान से पहले शूद्रों, श्रमिकों और दलितों के साथ कैसा व्यवहार किया जाता था। भ्रम पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
एआईसीसी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि केंद्र की सरकार संविधान का सम्मान करते हुए काम नहीं करती। ऐसे कई लोग हैं जो संविधान को बदलने और अपनी विचारधारा का प्रचार करके लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ लोग हमारे बीच दरार लाने का प्रयास कर रहे हैं। वे नेहरू और बी.आर. अम्बेडकर को एक दूसरे के खिलाफ लगा रहे हैं। इस संविधान को समाप्त करने के प्रयास हो रहे हैं।
पीएम पर बोला सीधा हमला
आने वाले चुनावों में एकता नहीं होने पर देश में तानाशाही का खतरा बताते हुए उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक रूप से चुनी गई सरकारें ईडी की धमकी से हटा दी जाती हैं। इससे संविधान और लोकतंत्र को नुकसान पहुंच रहा है। अगर ऐसा ही चलता रहा तो तानाशाही आ जायेगी। क्या आप तानाशाही चाहते हैं या न्याय के साथ जीना चाहते हैं?
उन्होंने कहा, जहां अंबेडकर ने लोगों से अपने खून की आखिरी बूंद तक संविधान के लिए लड़ने का आग्रह किया था, वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों को पानी, भोजन और शिक्षा प्रदान न करके खून चूस रहे हैं। उन्होंने कहा कि जहां बुद्धिमान और जानकार लोग पाए जाते हैं, ऐसे देशों में लोकतंत्र बचा हुआ है।
मोदी की गारंटी के नारे पर आपत्ति जताते हुए खरगे ने पूछा, आपकी गारंटी क्या है? यह सरकार का काम है और इसकी गारंटी या तो सरकार की होनी चाहिए या भाजपा सरकार की। जब पैसा हमारा और टैक्स हमारा तो उसकी गारंटी कैसे हो सकती है? वह हमेशा अपने बारे में रहता है।
उन्होंने कहा कि हर घर में संविधान के बारे में जागरूकता पैदा करना महत्वपूर्ण है। यह संविधान ही है, जो हममें मानवता लेकर आया है। संविधान बचेगा, तो देश की एकता और अखंडता बरकरार रहेगी। लोकतंत्र बचेगा, तो लोग खुशी से रहेंगे। आप सभी लोग सावधान रहे अन्यथा हम 5000 वर्ष पीछे चले जायेंगे।
कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला और सीपीआई (एम) नेता सीताराम येचुरी समेत 18 राज्यों के 12 राजनीतिक दलों के 40 नेताओं ने हिस्सा लिया।
अनुभव केंद्र में एआई-जनरेटेड फिल्म
संविधान, प्रस्तावना, संविधान सभा और भारतीय संविधान के विकास के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए सम्मेलन स्थल पर एक अनुभव केंद्र स्थापित किया गया था। केंद्र के पास सभी मूल हस्ताक्षरकर्ताओं के हस्ताक्षर वाली संविधान की एक प्रति थी। एक एआई-जनरेटेड फिल्म भी प्रदर्शित की गई। जवाहरलाल नेहरू ने ट्रिस्ट विद डेस्टिनी पर अपने भाषण में जो वर्णन किया था, फिल्म में उसका विस्तार से वर्णन किया गया है।
Published on:
25 Feb 2024 11:54 pm
बड़ी खबरें
View Allबैंगलोर
कर्नाटक
ट्रेंडिंग
