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बेबुनियाद आरोप लगा रही सुमालता: सीएस पुट्टाराजू

जिले के प्रभारी मंत्री सीएस पुट्टाराजू ने सुमालता के सत्ता के दुरुपयोग संबंधी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है।

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बेबुनियाद आरोप लगा रही सुमालता: सीएस पुट्टाराजू

बेबुनियाद आरोप लगा रही सुमालता: सीएस पुट्टाराजू

मंड्या. जिले के प्रभारी मंत्री सीएस पुट्टाराजू ने सुमालता के सत्ता के दुरुपयोग संबंधी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि चुनाव मे असफलता की डर से सुमालता जिला निर्वाचन अधिकारी पर बेबुनियाद आरोप लगाकर उनका तबादला करवाना चाहती हैं। उन्होंने कहा कि जद-एस को निखिल की सफलता के लिए साजिश करने की कोई आवश्यकता नहीं है। पुट्टाराजू ने जोर देकर कहा कि मतदाताओं का ध्यान भटकाने के लिए ही सुमालता जिला प्रशासन पर आरोप लगा रही हैं।

मंड्या में नामांकन पत्रों की जांच सही नहीं : श्रीरामुलु
बल्लारी. मंड्या में प्रशासन के दुरुपयोग के दावों के साथ भाजपा के अन्य नेता भी बयान देने लगे हैं। इस क्रम में भाजपा विधायक श्रीरामुलु ने भी कहा है कि मंड्या में गठबंधन के प्रत्याशी निखिल गौड़ा के नामांकन की सटीक जांच नहीं की गई है। रविवाार को बल्लारी में देवेंद्रप्पा के समर्थन में प्रचार के दौरान श्रीरामुलु ने कहा कि निर्दलीय प्रत्याशी सुमालता अंबरीश को प्रताडि़त करने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। अगर जिला निर्वाचन अधिकारी ने निखिल गौड़ा के नामांकन पत्र की सटीकता से जांच की गई होती तो नामांकन पत्र खारिज होना तय था। मगर जिला प्रशासन ने त्रुटिपूर्ण नामांकन पत्र बदल दिया। चुनाव आयोग इस मामले में हस्तक्षेप करे।

निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं: सुमालता
मंड्या.. उधर, निर्दलीय प्रत्याशी सुमालता अंबरीश ने फिर दोहराया है कि मंड्या में राज्य सरकार प्रशासन का दुरुपयोग कर रही है। इससे यहां निष्पक्ष तथा पारदर्शी चुनाव संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से उनके साथ अन्याय किया जा रहा है। इसे रोकने के लिए चुनाव आयोग हस्तक्षेप करे और जिला निर्वाचन अधिकारी का तुरंत तबादला किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने निखिल गौड़ा के नामांकन दाखिल करने से पहले आयोजितसभा में कहा था कि इवीएम में निखिल गौड़ा का नाम पहले स्थान पर होगा। इसलिए मतदाता पहला बटन दबाएं। नामांकन दाखिल करने से पहले ही मुख्यमंत्री को कैसे पता लगा कि निखिल का नाम इवीएम में पहले स्थान पर होगा। आज देखा गया है कि इवीएम निखिल का नाम ही पहले स्थान पर है। इसके अलावा नामांकन पत्र दाखिल करते समय निखिल ने कुछ कॉलम भरे नहीं थे। जिला प्रशासन ने निखिल नामांकन पत्र निरस्त होने से बचाने के लिए यह त्रुटिपूर्ण नामांकन पत्र ही बदल दिया है।


नामांकन पत्र में निखिल ने अविभाजित परिवार की संपत्ति के विवरण का कॉलम संख्या 26 रिक्त ही छोड़ा है। इसके बावजूद नामांकन पत्र खारिज नहीं किया गया। मेरे चुनावी एजेंट मदन ने इस मामले को लेकर जिला निर्वाचन अधिकारी सेे शिकायत की थी, लेकिन वे ऐसी कोई शिकायत नहीं होने की बात कर रही हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के मतदाताओं को भ्रमित करने के लिए इवीएम में उनका नंबर 20वां है, उनके साथ 18, 19 तथा 21 नंबर पर और तीन और सुमालता नाम की प्रत्याशी हैं। केंद्र पर सत्ता के दुरुपयोग के आरोप लगाने वाले कुमारस्वामी को बताना होगा कि गठबंधन सरकार मंड्या में सत्ता का दुरुपयोग नहीं कर रही है।