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मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या का भाजपा के सूखा अध्ययन दौरे पर कटाक्ष

बोले: राज्य की इतनी चिंता है तो केंद्र से सूखा राहत राशि दिलवाएं

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बेंगलूरु. मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने भाजपा के राज्यव्यापी सूखा अध्ययन दौरे की खिल्ली उड़ाई और कहा कि इसकी बजाय केंद्र सरकार से संपर्क कर राज्य को जल्द से जल्द सूखा राहत राशि दिलाने का प्रयास करें। राज्य सरकार ने 236 तालुकों में से 216 को सूखाग्रस्त घोषित किया है।

केंद्र से सूखा राहत राशि जारी करने में देरी की ओर इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने मंगलवार को राज्य और इसके किसानों के लिए भाजपा की चिंता पर भी सवाल उठाया। भाजपा के सूखा अध्ययन दौरे को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा, उन्हें ये (दौरा) करने दीजिए। कंेद्रीय टीम पहले ही आकर सूखे की स्थिति का अध्ययन कर चुकी है। उन्होंने अब तक केंद्र सरकार को रिपोर्ट नहीं सौंपी है। इधर, भाजपा राजनीति के लिए कह रही है कि वे सूखा अध्ययन यात्रा पर जाएंगे।

भाजपा ने 10 नवंबर तक राज्य के सभी 33 जिलों का दौरा करने और सूखे की स्थिति का आकलन करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येडियूरप्पा सहित अपने नेताओं की अध्यक्षता में 17 दलों का गठन किया है। पार्टी ने कहा है कि वह सरकार को एक रिपोर्ट सौंपेगी और इस मुद्दे पर बहस के लिए अगले विधानसभा सत्र में विशेष समय मांगेगी।

सिद्धरामय्या ने कहा कि नियमों के अनुसार राज्य सरकार ने सूखा राहत के तौर पर 17,900 करोड़ रुपए की मांग की है जबकि वास्तविक नुकसान 33,700 करोड़ रुपए है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा नेताओं को राज्य के गांवों, किसानों और राज्य की चिंता है, तो उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि राज्य को केंद्र से जल्द से जल्द राहत राशि मिले।