
बेंगलूरु. सीरवी सेवा संघ, लिंगराजपुरम के तत्वावधान में होरामाऊ में आयोजित बाल संस्कार शिविर में बच्चों को खेलों, शारीरिक गतिविधियों के साथ ही धर्म, संस्कार व ज्ञानवर्धक बातों के साथ ही गीता का ज्ञान भी दिया गया। शिविर में पंडित नेमीचंद ने बच्चों को श्रीमद् भगवद्गीता के विविध प्रसंग सुनाए और उनसे मिलने वाली सीख को अपने जीवन में उतारने का आह्वान किया।
उन्होंने बच्चों को श्री आईमाता द्वारा पांच सौ वर्ष पूर्व स्थापित आईपंथ के बारे में महत्वपूण जानकारी भी दी। संस्कृत में कई श्लोक सुनाए और उनके बारे में विस्तार से समझाया। बच्चों को प्रतिदिन सुबह उठकर सबसे पहले धरती माता और उसके बाद अपने माता-पिता को प्रणाम करने की सीख दी।
सह सचिव जुगराज चोयल ने बताया कि शविर के संयोजक अमरचंद सानपुरा ने बच्चों को अच्छे संस्कारों के महत्व के बारे में बताया। इस अवसर पर पूर्व सचिव अमरचंद सानपुरा, वालाराम गेहलोत, लादुराम राठौड़, नारायणलाल सेपटा आदि उपस्थित थे।
Published on:
04 Feb 2024 05:43 pm
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