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बाल संस्कार शिविर में बच्चों ने सीखे हिन्दी महीने

मुनि ने कहा-मनुष्य समस्त सम्भावनाओं का बीज

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बाल संस्कार शिविर में बच्चों ने सीखे हिन्दी महीने

बाल संस्कार शिविर में बच्चों ने सीखे हिन्दी महीने

बेंगलूरु. जयनगर स्थित आदिनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर में युगल मुनि के सान्निध्य में हुए बाल संस्कार शिविर में बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बच्चों ने पहले योगासन-पंचमुद्रा की और आचार्य उमास्वामी रचित तत्वार्थसूत्र अपर नाम मोक्ष शास्त्र के मंगलाचरण का मंगल पाठ किया। मुनि अमोघकीर्ति एवं अमरकीर्ति ने मंगलाष्टक के पाठ का संगीत के साथ सुन्दर उच्चारण किया। मुनि ने हिंदी तिथि के महीनों के नाम सिखाए और बताया हर महिने में कोई न कोई पर्व एवं महापर्व आते हैं। कुछ बच्चों ने सही उत्तर भी दिए। मुनि ने कहा-मनुष्य समस्त सम्भावनाओं का बीज है। आपका मन एक रेडियो है,जहां सारे स्टेशन उपलब्ध हैं। पुण्य के,पाप के और मोक्ष के भी। संसार की सारी तरंगें तुम्हारे आत्म रेडियो के पास से गुजर रही हैं। पापी से पापी आत्मा एक क्षण में पुण्यात्मक हो जाती है। जहां तुम्हारे मन की सुई टिकेगी, वही ध्वनि प्रसारित होने लगेगी,यही मनुष्य की विशेषता है।