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बजट पेश करना सीएम का विशेषाधिकार

कांग्रेस और जद-एस फिर बढ़ी तकरार, देवेगौड़ा बोले, 5 को ही पेश होगा बजट

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बजट पेश करना सीएम का विशेषाधिकार

बेंगलूरु. राज्य का नया बजट पेश में होने में सिर्फ 10 बाकी रह गए हैं लेकिन गठबंधन के दोनों घटकों-कांग्रेस और जद-एस के बीच नए बजट को लेकर तकरार थम नहीं रहा है। एक ही वर्ष के लिए दो बजट पेश करने को लेकर दोनों दलों में पूर्ण सहमति नहीं बन पा रही है। हालांकि, यह कोई पहला मौका नहीं है जब चुनाव के बाद सरकार बदलने के कारण राज्य में आई नई सरकार ने दुबारा से बजट पेश किया हो।

कांग्रेस आलाकमान से हरी झंडी मिलने के बाद मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी बजट पेश करने की तैयारी जुटे हैं लेकिन पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या सहित प्रदेश कांग्रेस के कुछ नेता इसका विरोध कर रहे हैं। कुमारस्वामी अब भी इस बात को लेकर सशंकित बताए जाते हैं कि वे नया बजट पेश कर पाएंगे या नहीं। उधर, उनके पिता व पूर्व प्रधानमंत्री एच डी देवेगौड़ा ने कहा कि कुमारस्वामी 5 जुलाई को विधानमंडल के बजट सत्र के पहले दिन ही बजट पेश करेंगे।

कुमारस्वामी ने सोमवार को सहकारिता बैंकों के अधिकारियों के साथ कृषि ऋण माफी के मसले पर बैठक के दौरान कहा कि वे नया पूर्ण बजट पेश करें या नहीं, इसे लेकर अब भी चर्चा जारी है।

कुमारस्वामी का यह बयान सिद्धरामय्या के सोशल मीडिया पर उस वायल वीडियो के एक दिन बाद आया है जिसमें उन्होंने अपने करीबी विधायकों के साथ बैठक के दौरान कुमारस्वामी के नए बजट पेश करने पर सवाल उठाया था। इससे पहले सिद्धरामय्या ने सार्वजनिक तौर पर भी कहा था कि कुमारस्वामी सरकार को नया बजट पेश करने की जरुरत नहीं है क्योंकि वे फरवरी में ही बजट पेश कर चुके हैं। अगर कुमारस्वामी कुछ नई योजनाओं को शामिल करना चाहते हैं तो वे पूरक बजट पेश कर सकते हैं।

100 विधायक बदल गए
कुमारस्वामी ने कहा कि अगर नया बजट पेश नहीं किया जाता है तो यह एक तरह से नवनिर्वाचित विधायकों के विशेषाधिकारों का उल्लंघन ही होगा। फरवरी में बजट को पारित करने के लिए मत देने वाले करीब 100 विधायक चुनाव के बाद दुबारा सदन में नहीं पहुंचे और उनकी जगह नए लोग चुने गए। इन नए विधायकों को भी राज्य के बजट को मंजूरी देने का अधिकार है। उन्होंन उन खबरों पर भी नाराजगी जताई जिनमें कहा गया कि बैंक प्रमुखों को यकीन नहीं है कि यह सरकार कितने समय तक चलेगी।

कुमारस्वामी ने कहा कि उन्होंने आप लोग क्या क्या बातें कर रहे हैं मैंने इस बारे में सुन रखा है। यह सरकार कितने समय तक चलेगी यह आप लोगों की चिंता का विषय नहीं है लिहाजा वही काम करें जो हम आप लोगों से करवाना चाहते हैं। कुमारस्वामी ने कहा कि बैंकों के गारंटी सरकार देगी इसलिए उन्हें चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है। सरकार बदलने के बावजूद नीति नहीं बदलेगी। पूर्ण ऋण माफी के लिए राज्य सरकार को 50 हजार करोड़ रुपए से अधिक धन की जरुरत है लिहाजा सरकार के लिए इतनी बड़ी धनराशि जुटाना लगभग असंभव है।

बहरहाल, सूत्रों का कहना है कि राज्य सरकार दो चरणों में ऋण माफ करने के बारे में विचार कर रही है जिसमें लघु व सीमांत किसानों द्वारा सहकारी बैंकों से लिए ऋण भी शामिल हैं। इस बीच, पूर्व प्रधानमंत्री व जनतादल-एस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एच.डी. देवेगौड़ा ने बजट पेश करने के मसले पर कांग्रेस व जद-एस के बीच किसी तरह के मतभेदों से इंकार किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री कुमारस्वामी नया बजट पेश करेंगे और इसका कोई विरोध नहीं होगा। उन्होंने कहा कि इस बारे में कोई उलझन नहीं है कि मुख्यमंत्री कुमारस्वामी 5 जुलाई को नया बजट पेश करेंगे।