
नारियल की बर्बाद फसल का मिलेगा मुआवजा
बेंगलूरु. राज्य मंत्रिमंडल ने भविष्य में वन्यजीवों के हमले में मारे जाने वाले लोगों के आश्रितों को हर माह 2 हजार रुपए का मासिक भत्ता देने के प्रस्ताव का अनुमोदन कर दिया है। मुख्यमंत्री एच.डी. कुमारस्वामी की अध्यक्षता में गुरुवार शाम हुई मंत्रिमंडल की बैठक के बाद राज्य के ग्रामीण विकास व पंचायत राज मंत्री कृष्णा बैरेगौड़ा ने यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि अब तक वन्यजीवों के हमले में मारे जाने वाले लोगों के परिजनों को 5 लाख रुपए का मुआवजा दिया जाता था लेकिन अब इस मुआवजे के साथ ही पीडि़त परिवारों को अगले पांच सालों तक 2 हजार रुपए प्रतिमाह भत्ता भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य में पिछले तीन साल से पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। इस कारण बड़ी संख्या में नारियल के पेड़ सूखने से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। मंत्रिमंडल ने राज्य के 44,557 एकड़ में बरबाद हुई नारियल की फसल के लिए 178 करोड़ रुपए का मुआवजा देने का निर्णय किया है।
उन्होंने बताया कि बैठक में हासन स्थित सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज को छात्रावास और पुस्तकालय सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए 50 करोड़ रुपए की लागत वाले निर्माण कार्य को मंजूरी प्रदान की गई है। हासन मेडिकल कालेज परिसर में सुपर स्पेशलिटी अस्पताल खोलने के पहले चरण के कार्य के लिए 50 करोड़ रुपए की सहायता देने के प्रस्ताव को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई है। बीदर व शिवमोग्गा जिले के सरकारी अस्पतालों में हृदय रोग चिकित्सा इकाइयों की स्थापना के लिए क्रमश: 7.25 करोड़ तथा 7.8 1 करोड़ रुपए का अनुदान देने के प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई है। मंत्री ने कहा कि बागलकोट, मंड्या, धारवाड़, हासन, शिवमोग्गा तथा कोलार में 6 बागवानी उत्कृष्टता केन्द्रों की स्थापना की गई है। इन केंद्रों के संचालन के लिए बागवानी उत्कृष्टता केंद्र एजेंसियों की स्थापना के लिए 60 करोड़ रुपए का अनुदान जारी करने का निर्णय किया गया है।
उन्होंने कहा कि 108 एम्बुलेंस सेवाओं के लिए 2009 में किए गए अनुबंध की अवधि समाप्त हो रही है लिहाजा सरकार ने इस कार को अगले एक साल के लिए विस्तार देने और अगले एक साल के भीतर नई निविदा प्रक्रिया पूरी करने का निर्णय किया है। उन्होंने बताया कि बैठक में किसान संगठनों सहित विभिन्न संघ सस्थाओं के जनांदोलनों के दौरान उन संगठनों के खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में दायर 14 प्रकरणों को वापस लेने की स्वीकृति प्रदान की गई है। उन्होंने बताया कि कौशल विकास योजना के तहत राज्य के यादगीर, हुमनाबाद, होसपेट, लिंगसुगुर में डेसाल्ट सिस्टम के सहयोग से कौशल विकास केन्द खोलने के लिए 224 करोड़ रुपए की योजना को स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें डेसाल्ट सिस्टम 203.33 करोड़ रु. का योगदान करेगा।
रक्षा विभाग की जमीन के विनिमय को मंजूरी
उन्होंने कहा कि बैठक में राज्य सरकार की विविध किसा परियोजनाओं के लिए रक्षा विभाग की 45,165 वर्ग मीटर जमीन का विनिमय करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई है। रक्षा विभाग जमीन देने को तैयार है लिहाजा राज्य सरकार ने इसके बदले में इतनी ही भूमि रक्षा विभाग को देने का निर्णय किया है।

Published on:
05 Oct 2018 06:08 pm

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