
Court sentenced the robbery accused to seven years
बेंगलूरु. कर्नाटक उच्च न्यायालय ने गुरुवार को मेडिकल, इंजीनियरिंग व डेंटल कॉलेजों के संघ (कॉमेड-के) की ओर से आयोजित यूजीईटी 2020 में हस्तक्षेप करने से साफ मना कर दिया और परीक्षा के दौरान कोरोना संक्रमण से सुरक्षा संबंधित सभी सावधानी बरतने के निर्देश दिए।
एक अधिवक्ता ने परीक्षा स्थगित करने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। अधिवक्ता के अनुसार परीक्षा स्थगित होने से विद्यार्थियों के भविष्य पर कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा। कोरोना महामारी के कारण जेइइ, एनइइटी और क्लैट जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रवेश परीक्षाएं पहले ही स्थगित की जा चुकी हैं। कई विद्यार्थियों व अभिभावकों ने भी परीक्षा स्थगित करने की मांग की है।
याचिका की सुनवाई करते हुए न्यायालय ने कहा कि कोरोना महामारी के कारण परीक्षा के आयोजन में पहले ही देरी हो चुकी है। कर्नाटक सरकार सफलतापूर्वक प्रदेश बोर्ड 10वीं यानी एसएसएलसी और संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सीइटी) आयोजित कर चुकी है। परीक्षा का आयोजन 19 अगस्त को होना है। इसके लिए 30 राज्यों के 190 कॉलेजों और सात विश्वविद्यालयों में 342 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। एक लाख से ज्यादा विद्यार्थियों ने परीक्षा के लिए पंजीकरण करा रखा है। परीक्षा का आयोजन सबसे पहले एक अगस्त को होना था। कोमेड-के ने कुछ दिनों पहले हॉल टिकट जारी की है।
Published on:
14 Aug 2020 11:00 pm
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