
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय Jawaharlal Nehru University (जेएनयू), नई दिल्ली ने कन्नड़ भाषा चेयर प्रमुख के चयन के लिए समिति का गठन किया है।
डेढ़ साल से अधिक समय से कन्नड़ भाषा चेयर Kannada Language Chair के खाली पड़ी रहने से शैक्षणिक गतिविधियां ठप हैं। कन्नड़ विकास प्राधिकरण (केडीए) के अध्यक्ष और जेएनयू में कन्नड़ भाषा चेयर के पूर्व व प्रथम प्रमुख प्रो. पुरुषोत्तम बिलिमले ने करीब चार माह पहले जेएनयू के कुलाधिपति को पत्र लिखकर प्रमुख की तत्काल नियुक्ति का अनुरोध किया था।जेएनयू के संयुक्त रजिस्ट्रार (मूल्यांकन) उमाकांत अग्रवाल ने इस संबंध में एक आदेश जारी किया है। कर्नाटक सरकार Karnataka Government के कन्नड़ संस्कृति विभाग ने जुलाई 2015 में, 42 लाख रुपए के वार्षिक अनुदान की मदद से कन्नड़ भाषा चेयर स्थापित करने के लिए जेएनयू के साथ एक समझौता किया था। प्रो. बिलिमले ने चेयर के पहले प्रमुख के रूप में 2020 तक सेवा की।
बाद में, जेएनयू JNU ने मैसूरु विश्वविद्यालय Mysuru University के प्रो. विश्वनाथ को इस पद पर नियुक्त किया। तीन साल तक सेवा देने के बाद प्रो. विश्वनाथ व्यक्तिगत कारणों से अगस्त 2023 में मैसूरु विश्वविद्यालय लौट आए। तब से, चेयर खाली है।वर्तमान में, कलबुर्गी के मूल निवासी विश्वनाथ मुन्ना नायक चेयर में काम कर रहे हैं। इन्हें 2015 में जूनियर प्रोजेक्ट असिस्टेंट के रूप में नियुक्त किया गया था। हालांकि, प्रमुख की अनुपस्थिति के कारण कोई शैक्षणिक गतिविधि नहीं हो रही है।
प्रो. बिलिमले के अनुसार जेएनयू कन्नड़ भाषा चेयर में लंबे समय से कोई शैक्षणिक गतिविधि नहीं हुई है। बनारस विश्वविद्यालय और दिल्ली विश्वविद्यालय में कन्नड़ विभाग पहले ही बंद हो चुके हैं। इसलिए उन्होंने पत्र लिखकर चेयर के लिए तुरंत एक प्रमुख नियुक्त करने, इस संबंध में अधिसूचना जारी करने और आवेदन आमंत्रित करने का अनुरोध किया था।
Published on:
15 Nov 2024 05:43 pm
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